अब निजी घरों से नहीं, पंचायत भवनों से चलेंगे ग्राम पंचायतों के कार्यालय,लापरवाही बरतने वाले सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों पर गिरेगी गाज, औचक निरीक्षण कर होगा शासकीय सामग्री का भौतिक सत्यापन,जनपद अधिकारियों को जिला पंचायत सीईओ हर सिमरनप्रीत कौर के सख्त निर्देश, अनुपस्थिति और अव्यवस्थाओं पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
कलयुग की कलम से राकेश यादव

अब निजी घरों से नहीं, पंचायत भवनों से चलेंगे ग्राम पंचायतों के कार्यालय,लापरवाही बरतने वाले सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों पर गिरेगी गाज, औचक निरीक्षण कर होगा शासकीय सामग्री का भौतिक सत्यापन,जनपद अधिकारियों को जिला पंचायत सीईओ हर सिमरनप्रीत कौर के सख्त निर्देश, अनुपस्थिति और अव्यवस्थाओं पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
कलयुग की कलम कटनी – ग्राम पंचायतों के कार्यालय संचालन में लापरवाही और अनियमितताओं पर अब प्रशासन सख्त रुख अपनाने जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने ग्राम पंचायतों में नियमित कार्यालय संचालन, कर्मचारियों की उपस्थिति और शासकीय अभिलेखों सहित अन्य सामग्री के व्यवस्थित रखरखाव को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के दौरान क्षेत्रीय भ्रमण में सामने आई अनियमितताओं के बाद पंचायतों की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए यह कदम उठाया गया है।
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हर सिमरनप्रीत कौर ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि निर्देशों की अनदेखी और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोक सेवकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत भवन में ही खुलेगा कार्यालय
निर्देशों के अनुसार, जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन उपलब्ध हैं, वहां निर्धारित कार्यालयीन समय में कार्यालय का नियमित संचालन अनिवार्य होगा। जिन पंचायतों में भवन उपलब्ध नहीं हैं अथवा भवन जर्जर या अपर्याप्त हैं, वहां शासकीय सामुदायिक भवन या बहुउद्देशीय भवन से कार्यालय संचालित किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में सरपंच, पंचायत सचिव या ग्राम रोजगार सहायक के निजी निवास से पंचायत कार्यालय का संचालन नहीं किया जा सकेगा।
अभिलेखों और सामग्री का होगा सत्यापन
ग्राम पंचायतों के शासकीय अभिलेख, फर्नीचर, टीवी, कंप्यूटर सहित अन्य सामग्री को पंचायत भवन में व्यवस्थित रूप से सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यालय संचालन और शासकीय सामग्री की वास्तविक स्थिति जांचने के लिए खंड पंचायत अधिकारियों (बीपीओ) तथा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान कार्यालय की नियमितता और उपलब्ध सामग्री का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा।
बिना सूचना गैरहाजिरी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई
पंचायत सचिवों एवं ग्राम रोजगार सहायकों की उपस्थिति पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। बिना सूचना या अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने तथा कार्यालय संचालन में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ ने जनपद स्तरीय अधिकारियों को पंचायतों की सतत निगरानी करने और सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों को समय पर मिलेंगी शासकीय सेवाएं
प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य ग्राम पंचायत कार्यालयों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना है। पंचायत कार्यालयों के व्यवस्थित संचालन से ग्रामीणों को अपने कार्यों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।



