राष्ट्रीय लोक अदालत में 43 प्रकरणों का निपटारा न्याय के साथ दिलों की दूरियां भी मिटाईं, लोक अदालत में 43 प्रकरणों का हुआ निराकरण,न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने दीप प्रज्वलित एवं पौधरोपण कर किया राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ, पक्षकारों को पौधे देकर आपसी मतभेद भुलाने की दी समझाइश
कलयुग की कलम से राकेश यादव

राष्ट्रीय लोक अदालत में 43 प्रकरणों का निपटारा न्याय के साथ दिलों की दूरियां भी मिटाईं, लोक अदालत में 43 प्रकरणों का हुआ निराकरण,न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने दीप प्रज्वलित एवं पौधरोपण कर किया राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ, पक्षकारों को पौधे देकर आपसी मतभेद भुलाने की दी समझाइश
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – व्यवहार न्यायालय ढीमरखेड़ा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ढीमरखेड़ा पूर्वी तिवारी ने दीप प्रज्वलित एवं पौधरोपण कर किया। इस अवसर पर उन्होंने लोक अदालत की भावना के अनुरूप पक्षकारों को आपसी विवाद और मनमुटाव समाप्त कर सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहने की समझाइश दी।
लोक अदालत के दौरान पक्षकारों को पौधे भी प्रदान किए गए। न्यायाधीश पूर्वी तिवारी ने पौधे के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस तरह पौधे की देखभाल कर उसे बड़ा किया जाता है, उसी तरह रिश्तों और सामाजिक सौहार्द को भी प्रेम, विश्वास और समझदारी से मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने पक्षकारों से अपील की कि प्रकरण के निराकरण के बाद मन में किसी प्रकार का मतभेद न रखें और आपसी भाईचारे के साथ भविष्य की ओर आगे बढ़ें।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के कुल 43 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें दाण्डिक प्रकरण, महिलाओं से संबंधित 20 प्रकरण, चेक बाउंस के 17 प्रकरण तथा अन्य आपराधिक एवं अन्य प्रकरणों का निराकरण शामिल रहा।
लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों के निराकरण से पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल विवादों का कानूनी समाधान करना ही नहीं, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी सहमति, सद्भाव और सामाजिक संबंधों को बेहतर बनाना भी रहा।
इस अवसर पर न्यायालयीन स्टाफ, अधिवक्तागण एवं पक्षकार उपस्थित रहे।



