बलराम जयंती से जन्माष्टमी तक गूंजेगा कटनी, जिलेभर में होंगे भव्य आयोजन,कृषि, प्राकृतिक खेती, गौ-संवर्धन और भारतीय संस्कृति को मिलेगा मंच; स्कूलों से मंदिर, गौशालाओं से जेल तक होंगे विशेष कार्यक्रम
कलयुग की कलम से राकेश यादव

बलराम जयंती से जन्माष्टमी तक गूंजेगा कटनी, जिलेभर में होंगे भव्य आयोजन,कृषि, प्राकृतिक खेती, गौ-संवर्धन और भारतीय संस्कृति को मिलेगा मंच; स्कूलों से मंदिर, गौशालाओं से जेल तक होंगे विशेष कार्यक्रम
कलयुग की कलम कटनी – बलराम जयंती और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व को जिले में व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पर्वों को भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता, कृषि, प्राकृतिक खेती, पर्यावरण संरक्षण और गौ-संवर्धन से जोड़ते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
बलराम जयंती पर कृषि और प्राकृतिक खेती बनेगी केंद्रबिंदु
2 सितंबर को बलराम जयंती के अवसर पर कृषि परंपरा और आधुनिक तकनीक का समन्वय देखने को मिलेगा। कृषि से जुड़े पारंपरिक लोक एवं कलारूपों की प्रस्तुतियों के साथ आधुनिक कृषि उपकरण, उन्नत बीज और प्राकृतिक खेती पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। किसानों के लिए संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
जन्माष्टमी पर स्कूलों में दिखेगा श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप
4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जिलेभर में उत्साह के साथ मनाई जाएगी। विद्यालयों में मटकी एवं बांसुरी प्रतियोगिता, श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों पर आधारित झांकियां, तात्कालिक भाषण और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी। छोटे बच्चों को श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सजाकर विशेष प्रस्तुतियां भी कराई जाएंगी।
मंदिरों में विशेष श्रृंगार, झांकियां और सामूहिक आरती
जिले के श्रीकृष्ण मंदिरों, मठों और देवालयों में विशेष सजावट एवं श्रृंगार किया जाएगा। सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलेंगे। मटकी सज्जा और मटकी फोड़ प्रतियोगिता के साथ स्थानीय कलाकारों द्वारा बांसुरी वादन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
श्रीकृष्ण जन्म, वृंदावन, गोवर्धन पूजा और गीता उपदेश जैसे प्रसंगों पर आधारित जीवंत झांकियां तैयार की जाएंगी। दीप प्रज्ज्वलन और सामूहिक आरती के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे।
बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर भी रहेगा विशेष जोर
4 सितंबर तक जिले के बच्चों के लिए विशेष पोषण एवं स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। आंगनवाड़ी केंद्रों और प्राथमिक शालाओं में जन्माष्टमी के अवसर पर बच्चों के लिए विशेष पोषण आहार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
गौशालाओं से लेकर जिला जेल तक होंगे आयोजन
जिला जेल में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और संदेश पर केंद्रित कार्यक्रम होंगे। वहीं गौशालाओं में स्वच्छता, गौपूजन और गौ-रक्षासूत्र बांधने के साथ पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिविर आयोजित किए जाएंगे।
जनजातीय क्षेत्रों के छात्रावासों और आश्रम शालाओं के विद्यार्थियों को भी आयोजनों से जोड़ा जाएगा। यहां भजन प्रतियोगिता, श्रीकृष्ण वेशभूषा, चित्रकला, बांसुरी वादन और मोरपंख से जुड़ी सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
युवाओं तक पहुंचेगा संस्कृति, कृषि और गौ-संवर्धन का संदेश
कलेक्टर श्री तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों और आख्यानों के माध्यम से शिक्षा, संस्कृति, कृषि, पशुधन एवं गौ-संवर्धन से जुड़े संदेशों को प्रभावी ढंग से जन-जन तक पहुंचाया जाए। साथ ही अधिक से अधिक युवाओं और विद्यार्थियों को इन गतिविधियों में सहभागी बनाया जाए।
आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, अनुविभागीय दंडाधिकारी, नगर निगम, जिला पंचायत, शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, विद्युत, महिला एवं बाल विकास, जेल, पशुपालन तथा आदिवासी कल्याण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अधिकारियों को कार्यक्रमों की तैयारियां सुनिश्चित कर जिला प्रशासन को कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।



