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आईटीआई स्थानांतरण के विरोध में उमरिया पान उबल पड़ा,युवाओं का ऐलान— “संस्थान हटाया तो सड़क से सदन तक होगा संघर्ष”संकल्प युवा संगठन और एबीवीपी ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन, कहा— विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं

कलयुग की कलम से राकेश यादव

आईटीआई स्थानांतरण के विरोध में उमरिया पान उबल पड़ा,युवाओं का ऐलान— “संस्थान हटाया तो सड़क से सदन तक होगा संघर्ष”संकल्प युवा संगठन और एबीवीपी ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन, कहा— विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं

कलयुग की कलम उमरिया पान– उमरिया पान में वर्षों से संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को ढीमरखेड़ा स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं के विरोध में सोमवार को क्षेत्र के युवाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। संकल्प युवा संगठन एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के संयुक्त नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवाओं ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और कटनी कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार इसरार खान को ज्ञापन सौंपते हुए आईटीआई को उमरिया पान में ही पूर्ववत संचालित रखने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उमरिया पान की आईटीआई को स्थानांतरित किया गया तो इसके विरोध में चरणबद्ध और व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

“आईटीआई हमारी पहचान, इसे हटाना स्वीकार नहीं”

ज्ञापन में कहा गया कि उमरिया पान की आईटीआई वर्षों से क्षेत्र के हजारों युवाओं को तकनीकी शिक्षा देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह संस्थान केवल एक शैक्षणिक भवन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की शैक्षणिक पहचान बन चुका है। वर्तमान सत्र में नए विद्यार्थियों के प्रवेश भी हो चुके हैं। ऐसे समय में संस्थान को स्थानांतरित करने का निर्णय विद्यार्थियों के हितों के विपरीत और जनभावनाओं के खिलाफ बताया गया।

दोनों स्थानों पर संचालित हो सकती है आईटीआई

युवाओं ने कहा कि यदि शासन ने ढीमरखेड़ा में नया भवन तैयार किया है तो वहां अलग से नई आईटीआई शुरू की जाए, जिससे उस क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी लाभ मिले। लेकिन इसके लिए उमरिया पान की वर्षों पुरानी आईटीआई को हटाना उचित नहीं है। दोनों क्षेत्रों में संस्थान संचालित होने से तकनीकी शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और किसी भी विद्यार्थी को नुकसान नहीं होगा।

आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर पड़ेगा असर

ज्ञापन में बताया गया कि उमरिया पान आसपास के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों का प्रमुख शिक्षा केंद्र है। आईटीआई के स्थानांतरण से विद्यार्थियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे समय और परिवहन खर्च बढ़ेगा। इसका सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों पर पड़ेगा और कई छात्र तकनीकी शिक्षा से वंचित भी हो सकते हैं।

बिना जनसुनवाई लिया गया निर्णय उचित नहीं

संकल्प युवा संगठन के पदाधिकारी ऋषभ ब्योहार ने कहा कि आईटीआई जैसी महत्वपूर्ण संस्था किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और नागरिकों से बिना व्यापक चर्चा किए संस्थान के स्थानांतरण का निर्णय लिया गया, जो उचित नहीं है।

उन्होंने मांग की कि उमरिया पान की आईटीआई को यथावत संचालित रखा जाए और आवश्यकता होने पर ढीमरखेड़ा में अलग से नई आईटीआई प्रारंभ की जाए, ताकि दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सकें।

जनहित का मुद्दा, आंदोलन होगा और तेज

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा के अधिकार का सवाल है। यदि समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसमें विद्यार्थी, अभिभावक, व्यापारी, सामाजिक संगठन और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से किया जाएगा।

ज्ञापन प्राप्त करते हुए नायब तहसीलदार इसरार खान ने आश्वासन दिया कि मांगपत्र शासन तक भेजा जाएगा।

ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान ऋषभ ब्योहार, विवेक मिश्रा, आकाश चौरसिया, गजराज ठाकुर, अमन यादव, हेमंत मांझी, आकाश बर्मन, अनुभव चौरसिया, शनि बर्मन, हरिओम चौरसिया, नयन तिवारी, आभाष चौरसिया, आदित्य चौरसिया, प्रियाशु बर्मन, कृष्णा बर्मन, दीपक बर्मन, सौरभ सहित बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में उमरिया पान की आईटीआई को यथावत संचालित रखने और क्षेत्र के शैक्षणिक हितों की रक्षा की मांग दोहराई।

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