योग से निरोगी जीवन का संदेश: शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने कराया सामूहिक योगाभ्यास,सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और विभिन्न आसनों के माध्यम से विद्यार्थियों को दिया स्वस्थ जीवन का मंत्र
कलयुग की कलम से राकेश यादव

योग से निरोगी जीवन का संदेश: शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई ने कराया सामूहिक योगाभ्यास,सूर्य नमस्कार, प्राणायाम और विभिन्न आसनों के माध्यम से विद्यार्थियों को दिया स्वस्थ जीवन का मंत्र
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा उत्साहपूर्ण योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रभारी प्राचार्य डॉ. बृजलाल अहिरवार एवं राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार नागवंशी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवक प्रभु दयाल बर्मन ने उपस्थित विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार, विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। योगाभ्यास के माध्यम से विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराया गया।
इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य डॉ. बृजलाल अहिरवार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग करना आवश्यक है। नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार नागवंशी ने योग की ऐतिहासिक विरासत और उसके वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो निरोगी जीवन का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में युवराज कुमार तिवारी, दीनदयाल चक्रवर्ती, मनीष झरिया, जितेंद्र कुमार, सत्यम चतुर्वेदी, राजीव सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। सामूहिक योगाभ्यास के साथ कार्यक्रम का समापन स्वस्थ जीवन और नियमित योग के संकल्प के साथ किया गया।
स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवनशैली की दिशा में युवाओं का बढ़ता कदम
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ योग को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी संदेश दिया।



