एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से गूंजा जिला पंचायत परिसर,विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने किया पौधारोपण, कहा— हर पौधा आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव
कलयुग की कलम से राकेश यादव

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से गूंजा जिला पंचायत परिसर,विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने किया पौधारोपण, कहा— हर पौधा आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव
कलयुग की कलम कटनी – विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला पंचायत परिसर हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से सराबोर नजर आया। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने “माँ की बगिया 2.0” अभियान के अंतर्गत “एक पेड़ माँ के नाम” पहल से जुड़ते हुए अशोक का पौधा रोपित किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर सुश्री कौर ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस की इस वर्ष की थीम “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए और हमारे भविष्य के लिए” का उल्लेख करते हुए कहा कि पौधे लगाना जितना महत्वपूर्ण है, उनकी देखभाल और सुरक्षा करना उससे कहीं अधिक आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है। पौधे न केवल प्रदूषण को कम करते हैं, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुराग मोदी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य सहित अन्य अधिकारियों ने भी अशोक एवं पॉम के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया।
इस अवसर पर परियोजना अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, परियोजना अधिकारी मनरेगा ऋषिराज चढ़ार, स्वच्छ भारत मिशन के जिला प्रबंधक कमलेश सैनी, सहायक परियोजना अधिकारी विजय लक्ष्मी मरावी, योगेंद्र कुमार असाटी, धनराज चौधरी, नरेश राठौर सहित जिला पंचायत के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
हरियाली बढ़ाने का लिया संकल्प
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी से ही सफल हो सकता है।
“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के माध्यम से जिला पंचायत ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल प्रस्तुत की।



