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सुशासन पर मुख्य सचिव की सख्त चेतावनी,50 दिन से ज्यादा लंबित न रहें शिकायतें, लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई खेती, खाद्य प्रसंस्करण, सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर कलेक्टर्स को दिए अहम निर्देश

कलयुग की कलम से राकेश यादव

सुशासन पर मुख्य सचिव की सख्त चेतावनी,50 दिन से ज्यादा लंबित न रहें शिकायतें, लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई खेती, खाद्य प्रसंस्करण, सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर कलेक्टर्स को दिए अहम निर्देश

कलयुग की कलम कटनी – प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सुशासन और जनहित के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए और कोई भी प्रकरण 50 दिन से अधिक लंबित न रहे। साथ ही नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व मामलों को तय समय सीमा में निपटाने के निर्देश देते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

कटनी कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष से कलेक्टर श्री आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली बैठक में शामिल हुए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, निगमायुक्त तपस्या परिहार, डीएफओ गर्वित गंगवार, अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

मुख्य सचिव ने आगामी बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी जिलों में राहत एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राहत शिविरों, बचाव संसाधनों और आवश्यक व्यवस्थाओं को पहले से तैयार रखा जाए ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।

बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि जिला सड़क सुरक्षा समिति की हर माह बैठक आयोजित हो तथा ब्लैक स्पॉट कम करने, हेलमेट की अनिवार्यता और यातायात नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया जाए। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं और मौतों में कमी दर्ज हुई है। दुर्घटनाओं की जानकारी तत्काल ई-डॉर पोर्टल पर दर्ज करने और पीड़ितों को प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत नि:शुल्क उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जुर्माने की राशि की प्रभावी वसूली सुनिश्चित की जाए। वहीं खेती और उससे जुड़े क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की जीडीपी में कृषि का योगदान लगातार बढ़ रहा है। पशुपालन और मछलीपालन में भी तेजी आई है तथा मछलीपालन की केज कल्चर योजना में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं।

मुख्य सचिव ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना कराई जाए, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिल सके और रोजगार के नए अवसर पैदा हों।

उन्होंने गेहूं उपार्जन, खाद वितरण, जल संरक्षण अभियान, मनरेगा कार्यों, नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना, प्रधानमंत्री आवास योजना, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नशामुक्ति अभियान और अमृत योजना सहित विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की। साथ ही 30 जून तक जल संरक्षण और निर्माण कार्य पूर्ण कर पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कानून व्यवस्था, त्यौहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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