मौत की खदान बनी धुरी-बंधी, घंटों चले रेस्क्यू के बाद युवक का शव बरामद,गहरी खदान में जिंदगी की जंग हार गया दुर्गेश, एसडीईआरएफ और सिविल डिफेंस टीम ने दिखाया साहस
कलयुग की कलम से राकेश यादव

मौत की खदान बनी धुरी-बंधी, घंटों चले रेस्क्यू के बाद युवक का शव बरामद,गहरी खदान में जिंदगी की जंग हार गया दुर्गेश, एसडीईआरएफ और सिविल डिफेंस टीम ने दिखाया साहस
कलयुग की कलम स्लीमनाबाद – स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत धुरी-बंधी ग्राम स्थित खदान में डूबे युवक को तलाशने के लिए चलाया गया रेस्क्यू अभियान सोमवार को देर शाम सफलतापूर्वक पूरा हुआ। घंटों तक चले कठिन बचाव अभियान के बाद एसडीईआरएफ और सिविल डिफेंस वालंटियर्स की संयुक्त टीम ने अथक प्रयास करते हुए युवक का शव खदान से बाहर निकाल लिया। पूरे अभियान के दौरान जिला प्रशासन लगातार निगरानी बनाए रहा।
मृतक की पहचान धुरी ग्राम निवासी 26 वर्षीय दुर्गेश कुशवाहा पिता प्रताप कुशवाहा के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू दल तत्काल मौके पर पहुंच गया। गहरी और खतरनाक खदान में पानी के बीच चलाया गया अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन टीम ने साहस, धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाया।
रेस्क्यू ऑपरेशन का नेतृत्व एसडीईआरएफ प्रभारी श्रीमती श्वेता गुप्ता ने किया, जबकि सह-प्रभारी श्रीमती ममता गोंड ने अभियान के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसडीईआरएफ के जवानों ने कांटा-रस्सा और रबर बोट की सहायता से लगातार सर्चिंग कर शव को सुरक्षित बाहर निकाला।
सिविल डिफेंस वालंटियर्स की टीम ने भी पूरे अभियान में उल्लेखनीय सहयोग दिया। मास्टर ट्रेनर अमर रैदास और सोवरन प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में अश्विनी विश्वकर्मा, धनीराम पटेल, गुलवीर सिंह गोंड, अरविंद रजक, कृष्ण कुमार नामदेव, राजीव चौहान एवं कुणाल गौतम ने विषम परिस्थितियों में लगातार मेहनत की।
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने रेस्क्यू अभियान में शामिल सभी अधिकारियों, जवानों और वालंटियर्स की सराहना करते हुए इसे टीमवर्क, मानवीय संवेदनशीलता और साहस का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।



