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मंत्रालय में मुख्यमंत्री की बड़ी समीक्षा बैठक: हर घर पानी, हर जिले में बायोमेट्रिक और नि:संतान दंपतियों के लिए IVF सेंटर की तैयारी,पेयजल, कृषि, पर्यटन, धार्मिक विकास, तकनीक और सामाजिक समरसता पर लिए गए अहम फैसले

कलयुग की कलम से राकेश यादव

मंत्रालय में मुख्यमंत्री की बड़ी समीक्षा बैठक: हर घर पानी, हर जिले में बायोमेट्रिक और नि:संतान दंपतियों के लिए IVF सेंटर की तैयारी,पेयजल, कृषि, पर्यटन, धार्मिक विकास, तकनीक और सामाजिक समरसता पर लिए गए अहम फैसले

कलयुग की कलम कटनी -भोपाल मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रमुख योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक में गर्मी के मौसम में पेयजल उपलब्धता, जल संरक्षण, कृषि सुधार, तकनीकी नवाचार, धार्मिक पर्यटन और सामाजिक कल्याण से जुड़े विषयों पर विशेष जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक गांव और शहरी वार्ड में पेयजल व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाए, ताकि गर्मी के दौरान किसी भी क्षेत्र में पानी की समस्या न रहे। जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने के लिए ‘जन्मभूमि से कर्मभूमि तक’ अभियान चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से आम नागरिकों को जल संरचनाओं के निर्माण और संरक्षण से जोड़ा जाएगा।

कृषि क्षेत्र को प्रोत्साहन देते हुए खंडवा और बुरहानपुर की मंडियों में कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क को एक रुपये से घटाकर 55 पैसे करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कृषि क्षेत्र में नवाचार और नई योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली को पूरे प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों में लागू करने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न समाजों द्वारा निर्मित धर्मशालाओं को राज्य सरकार से सहयोग देने की बात कही गई, जिससे कम आय वर्ग के श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिल सकें। नर्मदा समग्र अभियान में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

ग्रामीण क्षेत्रों में बसाहट भूमि की नि:शुल्क रजिस्ट्री के कार्य को अभियान के रूप में संचालित करने का निर्णय लिया गया। वहीं श्रीराम वन गमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय और चित्रकूट धाम में चल रहे विकास कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

महाकाल महालोक सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए होमगार्ड की तैनाती बढ़ाने की योजना की समीक्षा की गई। इससे होमगार्ड बल की क्षमता और उपयोगिता दोनों में वृद्धि होगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए नि:संतान दंपतियों के लिए प्रदेश में आईवीएफ सेंटर संचालित करने की तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए गए। सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए सभी वर्गों के बच्चों हेतु कॉमन हॉस्टल बनाने की योजना पर भी चर्चा हुई।

बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर और डीपटेक पार्क जैसी आधुनिक तकनीकी पहलों की प्रगति की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने इन क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया।

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