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उमरियापान पुलिस की सतर्कता से टला बाल विवाह, 15 वर्षीय बालिका का सुरक्षित हुआ भविष्य,भटगवां गांव में समय रहते पहुंची पुलिस, समझाइश के बाद परिजनों ने रोका विवाह कार्यक्रम

कलयुग की कलम से राकेश यादव

उमरियापान पुलिस की सतर्कता से टला बाल विवाह, 15 वर्षीय बालिका का सुरक्षित हुआ भविष्य,भटगवां गांव में समय रहते पहुंची पुलिस, समझाइश के बाद परिजनों ने रोका विवाह कार्यक्रम

कलयुग की कलम उमरिया पान – बाल संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए उमरियापान पुलिस ने ग्राम भटगवां में होने जा रहे एक नाबालिग बालिका के विवाह को समय रहते रुकवाकर उसका भविष्य सुरक्षित किया। पुलिस की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की क्षेत्रभर में सराहना की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 मई 2026 को सूचना मिली कि भटगवां गांव में लगभग 15 वर्षीय बालिका का विवाह कराया जा रहा है। मामले में न्यायालय जेएमएफसी ढीमरखेड़ा द्वारा जांच के निर्देश भी प्राप्त हुए थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल गांव पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

पुलिस अधिकारियों ने बालिका के माता-पिता और परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्हें समझाया गया कि नाबालिग बालिका का विवाह कराना कानूनन अपराध है और इससे उसके स्वास्थ्य, शिक्षा तथा भविष्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

समझाइश का सकारात्मक असर हुआ और परिजनों ने विवाह कार्यक्रम तत्काल रोक दिया। परिवार ने आश्वासन दिया कि बालिका के बालिग होने के बाद ही विधिसम्मत रूप से विवाह किया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक महेंद्र जायसवाल, उप निरीक्षक भरत सिंह मार्को, प्रधान आरक्षक आशीष झारिया, आरक्षक अजय तिवारी तथा थाना स्टाफ की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस की इस पहल ने एक बालिका को समय से पहले विवाह के बंधन में बंधने से बचाकर उसके शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की राह को सुरक्षित किया।

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