खरीदी व्यवस्था पर कड़ा नियंत्रण चिलचिलाती धूप में कलेक्टर श्री तिवारी का सख्त एक्शन: खरीदी केन्द्रों पर औचक निरीक्षण, घटिया गेहूँ पर जीरो टॉलरेंस
कलयुग की कलम से राकेश यादव

खरीदी व्यवस्था पर कड़ा नियंत्रण चिलचिलाती धूप में कलेक्टर श्री तिवारी का सख्त एक्शन: खरीदी केन्द्रों पर औचक निरीक्षण, घटिया गेहूँ पर जीरो टॉलरेंस
कलयुग की कलम कटनी -भीषण गर्मी के बीच कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने मंगलवार को बड़वारा, नन्हवारा सेझा, विलायतकला और अमाड़ी उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने साफ निर्देश दिए कि पंखा और छन्ना से गेहूँ की सफाई के बाद ही खरीदी की जाए, अन्यथा जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय होगी।
मौके पर जांच, खुद खुलवाई बोरियां
अमाड़ी केन्द्र में कलेक्टर ने खुद बोरियां खुलवाकर गेहूँ की गुणवत्ता जांची और मौके पर ही साफ कराकर तौल कराने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से सीधा संवाद कर समस्याएं पूछीं और उपज की मात्रा व रकबे की जानकारी भी ली।
केन्द्रों पर बढ़ी सुविधाएं, इंतजार होगा कम
किसानों की सहूलियत के लिए हर उपार्जन केन्द्र में तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। साथ ही पीने का पानी, छायादार बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। अब किसान जिले के किसी भी केन्द्र पर अपनी उपज बेच सकेंगे।
गुणवत्ता पर सख्ती, केवल एफएक्यू गेहूँ की खरीदी
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों के अनुसार ही एफएक्यू गुणवत्ता का गेहूँ खरीदा जाए। किसानों से अपील की गई है कि वे साफ और छना हुआ गेहूँ ही केन्द्रों पर लाएं।
स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ी
किसानों की सुविधा को देखते हुए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है, जिससे अधिक किसान आसानी से अपनी उपज बेच सकें।
आंकड़ों में खरीदी की रफ्तार
जिले में अब तक 6,134 किसानों से 18,691 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी हो चुकी है, जबकि 24,743 किसानों ने स्लॉट बुकिंग करा ली है।
समर्थन मूल्य के साथ बोनस का लाभ
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों को 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये बोनस मिलाकर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है।
प्रशासन का संदेश
कलेक्टर ने साफ किया कि खरीदी प्रक्रिया में लापरवाही या अनियमितता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी और किसानों को हर संभव सुविधा देना प्रशासन की प्राथमिकता है।



