प्रतिबंध के बीच धड़ल्ले से बोरिंग: बहोरीबंद में मशीन जब्त, ढीमरखेड़ा क्षेत्र में भी बोरिंग माफिया बेलगाम: रात-दिन धड़ल्ले से खनन, प्रशासन बेखबर!
कलयुग की कलम से राकेश यादव

प्रतिबंध के बीच धड़ल्ले से बोरिंग: बहोरीबंद में मशीन जब्त, ढीमरखेड़ा क्षेत्र में भी बोरिंग माफिया बेलगाम: रात-दिन धड़ल्ले से खनन, प्रशासन बेखबर!
कलयुग की कलम उमरिया पान – भीषण गर्मी और बढ़ते जल संकट के बीच जिले में नलकूप (बोरिंग) खनन पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद अवैध गतिविधियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए बहोरीबंद क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है, वहीं ढीमरखेड़ा क्षेत्र में भी रात-दिन बोरिंग का काम जारी रहने से राजस्व अमले की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए जिले में बोरिंग खनन पर रोक लगाई गई है, ताकि भूजल स्तर को और नीचे जाने से बचाया जा सके। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर अवैध रूप से नलकूप खनन कर रहे हैं।
इसी क्रम में बहोरीबंद तहसील में राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए हथियागढ़ के कटही ग्राम में दबिश दी। यहां पंचम यादव के खेत में प्रतिबंधात्मक आदेश की अवहेलना करते हुए बोरिंग का कार्य किया जा रहा था। बहोरीबंद एसडीएम राकेश चौरसिया और तहसीलदार आशीष अग्रवाल के निर्देशन में मौके पर पहुंची टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार किया और बोरिंग मशीन (क्रमांक केए 01 एमएन 8389) तथा संबंधित वाहन (क्रमांक केए 01 एजी 0679) को जब्त कर लिया।
प्रशासन ने इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भेज दी है और संबंधित पक्षों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
ढीमरखेड़ा में भी हालात चिंताजनक
सूत्रों के अनुसार ढीमरखेड़ा क्षेत्र में भी बिना अनुमति के दिन-रात बोरिंग का काम जारी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रतिबंध के बावजूद ये गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं।
गर्मी में क्यों लगाया जाता है प्रतिबंध?
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में भूजल स्तर पहले ही काफी नीचे चला जाता है। ऐसे समय में बोरिंग करने से जलस्तर और तेजी से गिरता है, जिससे आसपास के कुएं, हैंडपंप और अन्य जल स्रोत सूखने लगते हैं। यही कारण है कि प्रशासन हर साल गर्मी में बोरिंग पर रोक लगाता है, ताकि पेयजल संकट को नियंत्रित किया जा सके और आम लोगों को पानी की किल्लत से बचाया जा सके।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य क्षेत्रों में भी अवैध बोरिंग पर सख्ती बढ़ेगी और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।



