“23 सेकंड में पिस्टल असेंबल कर एसपी ने बढ़ाया जवानों का जोश”कटनी रक्षित केन्द्र में जनरल परेड के दौरान अनुशासन, फिटनेस और शस्त्र संचालन का दमदार प्रदर्शन
कलयुग की कलम से राकेश यादव

“23 सेकंड में पिस्टल असेंबल कर एसपी ने बढ़ाया जवानों का जोश”कटनी रक्षित केन्द्र में जनरल परेड के दौरान अनुशासन, फिटनेस और शस्त्र संचालन का दमदार प्रदर्शन
कलयुग की कलम कटनी – रक्षित केन्द्र कटनी में शुक्रवार को आयोजित जनरल परेड एवं शस्त्र संचालन कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल का अनुशासन, फिटनेस और तत्परता देखने को मिली। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली, कदमताल और शस्त्र संचालन क्षमता का निरीक्षण किया। आयोजन का उद्देश्य पुलिस बल को अधिक अनुशासित, सशक्त एवं कानून व्यवस्था की चुनौतियों के लिए तैयार बनाए रखना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत परेड सलामी से हुई, जिसे पुलिस अधीक्षक ने ग्रहण किया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष डेहरिया सहित जिले के राजपत्रित अधिकारी, शहरी थाना प्रभारी, सूबेदार, यातायात शाखा एवं रक्षित केन्द्र के लगभग 105 अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान एसपी ने पुलिस बल की वेशभूषा, अनुशासन, कदमताल और स्कॉट ड्रिल का बारीकी से अवलोकन किया। थाना प्रभारियों एवं जवानों ने स्कॉट ड्रिल और कदमताल का अभ्यास कर अपनी तैयारी का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों की सराहना की गई, जबकि कमियां पाए जाने पर आवश्यक प्रशिक्षण और सुधार के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण उस समय देखने को मिला जब पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 30 सेकंड के भीतर शस्त्र खोलकर पुनः असेंबल करने का टॉस्क दिया। निर्धारित समय में यह कार्य पूरा करने वालों के लिए पांच हजार रुपए नगद पुरस्कार की घोषणा की गई। इसके बाद एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने स्वयं 9 एमएम पिस्टल को मात्र 23 सेकंड में खोलकर दोबारा असेंबल कर सभी को प्रेरित किया। इस प्रदर्शन से उपस्थित पुलिस बल में उत्साह और ऊर्जा का माहौल बन गया।
परेड के दौरान जिले में उपलब्ध पुलिस वाहनों की स्थिति, उपयोगिता और रखरखाव की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को वाहनों के नियमित रखरखाव एवं बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मार्च पास्ट के बाद आयोजित पुलिस दरबार में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने वेतन, अवकाश, स्वास्थ्य, मेडिकल बिल तथा पारिवारिक एवं विभागीय समस्याओं को सामने रखा। पुलिस अधीक्षक ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।



