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ई-विकास’ से बदलेगी खाद वितरण व्यवस्था: ढीमरखेड़ा-बड़वारा में चला विशेष प्रशिक्षण अभियान

कलयुग की कलम से राकेश यादव

‘ई-विकास’ से बदलेगी खाद वितरण व्यवस्था: ढीमरखेड़ा-बड़वारा में चला विशेष प्रशिक्षण अभियान

कलयुग की कलम ढमरखेड़ा – जिले में किसानों को उर्वरक वितरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से 1 अप्रैल से ‘ई-विकास’ (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली लागू कर दी गई है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर इस नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए विकासखंड स्तर पर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में गुरुवार को विकासखंड ढीमरखेड़ा और बड़वारा में प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम सहायक, पटवारी, पैक्स समिति प्रबंधक और डबल लॉक केंद्रों के प्रभारी शामिल हुए। राज्य स्तर से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को ‘ई-विकास’ प्रणाली के संचालन की बारीकियां विस्तार से समझाई गईं।

इससे पूर्व बुधवार को रीठी और बहोरीबंद विकासखंड में प्रशिक्षण दिया गया था, जबकि 10 अप्रैल को विजयराघवगढ़ और कटनी विकासखंड में प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रस्तावित है।

 प्रशिक्षण के लिए जिम्मेदारियां तय

प्रशिक्षण कार्यक्रम के सुचारू संचालन हेतु कलेक्टर ने सभी एसडीएम और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को प्रशिक्षण स्थल चयन एवं तकनीकी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं उप संचालक कृषि, सहायक आयुक्त सहकारिता एवं जिला विपणन अधिकारी को संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अलग-अलग विकासखंडों में प्रशिक्षण के लिए कृषि विस्तार अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर्स कालू चौधरी, मोहन सोलंकी, विकास पाटीदार, रामाकांत गौर और हरिओम चंद्रवंशी को नियुक्त किया गया है।

 क्या है ‘ई-विकास’ प्रणाली

‘ई-विकास’ प्रणाली किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से उर्वरक वितरण पूरी तरह ऑनलाइन होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। साथ ही कालाबाजारी पर अंकुश लगेगा और वास्तविक जरूरतमंद किसानों तक समय पर उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

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