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9 से 23 अप्रैल तक जिले में गूंजेगा ‘पोषण पखवाड़ा’ पहले 6 साल में दिमागी विकास पर फोकस, हर घर तक पहुंचेगी जागरूकता की अलख

कलयुग की कलम से राकेश यादव

9 से 23 अप्रैल तक जिले में गूंजेगा ‘पोषण पखवाड़ा’ पहले 6 साल में दिमागी विकास पर फोकस, हर घर तक पहुंचेगी जागरूकता की अलख

कलयुग की कलम कटनी – जिले में 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक 8वां “पोषण पखवाड़ा” व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। इस बार अभियान का मुख्य उद्देश्य जीवन के पहले छह वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क के अधिकतम विकास पर केंद्रित है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि कार्यक्रम का आयोजन प्रभावी और व्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित किया जाए।

पोषण पखवाड़े का शुभारंभ 9 अप्रैल को जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों और समुदाय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया जाएगा। इस दौरान “पोषण पर चर्चा” कार्यक्रम के जरिए आमजन से सीधा संवाद स्थापित कर जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

अभियान के दौरान मातृ एवं शिशु पोषण, जन्म से 3 वर्ष तक बच्चों के मानसिक विकास के लिए प्रारंभिक प्रोत्साहन, 3 से 6 वर्ष तक खेल आधारित शिक्षा, बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम को कम करने में परिवार की भूमिका और आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत बनाने जैसे अहम विषयों पर गतिविधियां आयोजित होंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, मानव मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास जन्म से 6 वर्ष के भीतर ही हो जाता है, इसलिए इस अवधि में सही पोषण और सकारात्मक वातावरण बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए परिवारों और समुदाय को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

पखवाड़े के अंतर्गत विभिन्न तिथियों पर स्वास्थ्य शिविर, पोषण कहानी वाचन, दादी-नानी अनुभव साझा कार्यक्रम, पौष्टिक व्यंजन प्रतियोगिता, जंक फूड के खिलाफ जागरूकता रैली और बच्चों के विकास की पहचान से जुड़े अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही माता-पिता के लिए प्रारंभिक बाल देखभाल से जुड़े सत्र भी आयोजित होंगे।

22 अप्रैल को “पंखुड़ी पोर्टल” के माध्यम से आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए सामुदायिक सहयोग एवं दान अभियान संचालित किया जाएगा, जबकि 23 अप्रैल को भव्य पोषण मेला आयोजित कर जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

इस दौरान रैलियां, पोषण वाटिका निर्माण, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर एवं नारा लेखन प्रतियोगिताएं और सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। सभी गतिविधियों की जानकारी पोषण अभियान के जन-आंदोलन डैशबोर्ड पर दर्ज की जाएगी।

इस पूरे अभियान में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, नगरीय प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग मिलकर समन्वय के साथ कार्यक्रमों का संचालन करेंगे।पोषण पखवाड़ा सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी के उज्जवल भविष्य की मजबूत नींव रखने का प्रयास है।

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