पंचमुखी दरबार में गूंजा शिव-पार्वती विवाह का दिव्य प्रसंग, भक्ति में डूबा सिलौंडी
कलयुग की कलम से राकेश यादव

पंचमुखी दरबार में गूंजा शिव-पार्वती विवाह का दिव्य प्रसंग, भक्ति में डूबा सिलौंडी
कलयुग की कलम सिलौंडी – चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर सिलौंडी के प्रसिद्ध पंचमुखी दरबार में आयोजित मां श्री कालिका पुराण कथा के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के क्रम में भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कथा व्यास जी ने अत्यंत सरल और प्रभावी शैली में माता पार्वती की कठोर तपस्या और उनके अटूट संकल्प का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि माता पार्वती ने वर्षों तक कठिन तप कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया। इस दौरान शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाते हुए पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया, जिससे श्रद्धालुओं में आस्था और उत्साह का संचार हुआ।
इस धार्मिक आयोजन में यजमान के रूप में श्रीमती मनोरमा राय, गणेश राय, जमुना राय एवं लक्ष्मी राय ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर कथा का पुण्य लाभ अर्जित किया। उनके द्वारा किए गए धार्मिक अनुष्ठानों से पूरे आयोजन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
कार्यक्रम में गांव के वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। सभी ने भक्ति भाव से कथा का श्रवण किया और मां कालिका से सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में पूरे समय भजन-कीर्तन और धार्मिक वातावरण बना रहा, जिससे क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।
आयोजन समिति द्वारा कथा के सफल संचालन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। श्रद्धालुओं के बैठने, प्रसाद वितरण और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया।



