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नवसंवत्सर का भव्य स्वागत: सूर्य उपासना संग ब्रह्मध्वज स्थापना, विक्रमोत्सव में गूंजा संस्कृति का गौरव

कलयुग की कलम से राकेश यादव

नवसंवत्सर का भव्य स्वागत: सूर्य उपासना संग ब्रह्मध्वज स्थापना, विक्रमोत्सव में गूंजा संस्कृति का गौरव

कलयुग की कलम कटनी -भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2083 के शुभारंभ पर गुरुवार को बस स्टैंड स्थित ऑडिटोरियम में विक्रमोत्सव-2026 का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। सृष्टि के आरंभ दिवस के रूप में मनाए जाने वाले इस अवसर पर भगवान सूर्य की विधि-विधान से उपासना की गई और ब्रह्मध्वज की स्थापना कर नवसंवत्सर का स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में विधायक मुड़वारा संदीप जायसवाल, कलेक्टर आशीष तिवारी, निगमायुक्त तपस्या परिहार, जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी, पूर्व महापौर शशांक श्रीवास्तव, रामरतन पायल, अलका जैन सहित संयुक्त कलेक्टर जितेंद्र पटेल, एसडीएम प्रमोद कुमार चतुर्वेदी, डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा और पर्यावरणविद् निर्भय सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और नागरिकों की सहभागिता रही।

इस अवसर पर संप्रेषणा नाट्य मंच द्वारा सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति दी गई, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके साथ ही अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया।

अपने संबोधन में विधायक संदीप जायसवाल ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य न्याय, वीरता और ज्ञान के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उनके आदर्शों को अपनाकर जीवन में आगे बढ़ें। साथ ही उन्होंने धर्म और विज्ञान को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए शिक्षा के महत्व पर विशेष बल दिया।

जिला भाजपा अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी ने अपने उद्बोधन में सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नवसंवत्सर हर्ष और उत्साह का पर्व है, जिसे समाज को एकजुट होकर मनाना चाहिए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। समापन अवसर पर नाट्य दल के कलाकारों को सम्मानित किया गया, जिससे उनका उत्साहवर्धन हुआ।

यह आयोजन भारतीय संस्कृति, परंपरा और नववर्ष के महत्व को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने वाला रहा, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा।

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