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रंग, उमंग और भाईचारे की मिसाल: उमरिया पान सहित ग्रामीण अंचलों में धूमधाम से मना होली का पर्व क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन भी रहा चौकन्ना, 

कलयुग की कलम से राकेश यादव

रंग, उमंग और भाईचारे की मिसाल: उमरिया पान सहित ग्रामीण अंचलों में धूमधाम से मना होली का पर्व क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन भी रहा चौकन्ना, 

कलयुग की कलम उमरिया पान -रंगों का पावन पर्व होली इस वर्ष उमरिया पान नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे उत्साह, परंपरा और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही नगर और गांवों में रंग-गुलाल की बौछारें देखने को मिलीं। लोगों ने एक-दूसरे के घर पहुंचकर गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और पूरे दिन “होली है” के उल्लासपूर्ण स्वर गलियों और चौक-चौराहों पर गूंजते रहे।

उमरिया पान के साथ-साथ पचपेड़ी, पकरिया, बरौंदा, परसवारा, बम्हनी, महनेर, पिपरिया शुक्ल, पोड़ी, ढीमरखेड़ा, खमतरा, दसरमन, सिलौंडी सहित कई गांवों में होली का पर्व पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही बच्चे, युवा और बुजुर्ग रंगों में सराबोर नजर आए। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। डीजे और ढोल की थाप पर युवाओं ने जमकर नृत्य किया और एक-दूसरे को रंग लगाकर त्योहार की खुशियां साझा कीं।

वहीं बुजुर्गों ने परंपरागत तरीके से अबीर-गुलाल का तिलक लगाकर एक-दूसरे को आशीर्वाद दिया। महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक फाग गीत गाकर और घरों में पारंपरिक पकवान बनाकर त्योहार की रौनक को और बढ़ा दिया। कई घरों में गुझिया, मालपुआ और अन्य पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू से माहौल महक उठा।

नगर के विभिन्न मंदिरों में लोगों ने पूजा-अर्चना कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद मिठाइयां बांटकर एक-दूसरे को होली की बधाई दी गई। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन भी किया गया, जहां समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एकत्रित हुए और आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।

त्योहार के दौरान प्रशासन और पुलिस विभाग भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहा। स्लीमनाबाद एसडीओपी  श्रीमति आकांक्ष चतुर्वेदी भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उमरियापान पहुंच कर क्षेत्रीय भ्रमण कर सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लिया। थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार क्षेत्र में पेट्रोलिंग करती रही, जिससे पूरे दिन कहीं भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। पुलिस ने हुड़दंग और नशाखोरी पर भी कड़ी नजर बनाए रखी।

इसके अलावा कई स्थानों पर धुडेली के साथ पारंपरिक फाग गीतों का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। ढोलक और मंजीरे की ताल पर गाए गए फाग गीतों ने पूरे माहौल को लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया इस तरह उमरिया पान नगर और आसपास के गांवों में मनाया गया होली का पर्व केवल रंगों का त्योहार ही नहीं रहा, बल्कि यह आपसी प्रेम, सौहार्द और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर लोगों के लिए यादगार बन गया।

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