प्रशासनमध्यप्रदेश

ढीमरखेड़ा के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, गुणवत्ता सर्वोपरि दुर्घटना स्थलों पर संकेतक अनिवार्य, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई – जिला पंचायत सीईओ सुश्री सिमरनप्रीत कौर

कलयुग की कलम से राकेश यादव

ढीमरखेड़ा के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, गुणवत्ता सर्वोपरि दुर्घटना स्थलों पर संकेतक अनिवार्य, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई – जिला पंचायत सीईओ सुश्री सिमरनप्रीत कौर

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा -नागरिकों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और दुर्घटनाओं से बचाव को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सिमरनप्रीत कौर ने जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं के अंतर्गत निर्मित सड़कों एवं विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और तकनीकी मापदंडों के अनुरूप आवश्यक सुधार, मरम्मत एवं दुरुस्तीकरण तत्काल सुनिश्चित कराया जाए।

सुश्री कौर ने ढीमरखेड़ा से पिंडरई एवं अंतर्वेद मार्ग सहित अन्य सड़कों का निरीक्षण करते हुए सहायक प्रबंधक एवं तकनीकी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनोपयोगी कार्यों में गुणवत्ता, टिकाऊपन और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि चिन्हित दुर्घटना स्थलों पर संकेतक, चेतावनी बोर्ड एवं आवश्यक सूचना पटल अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, ताकि आम नागरिकों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो और दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। उन्होंने दो टूक कहा कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सुदूर गांवों में पहुंचकर विकास कार्यों का लिया जायजा

जिला पंचायत सीईओ ने अपने भ्रमण के दौरान पिंडरई, दशरमन, पटना, भमका एवं जामुन चुआ ग्राम पंचायतों में पहुंचकर विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क निर्माण, पंचायत भवन, मनरेगा अंतर्गत किए जा रहे कार्यों, जल संरक्षण संरचनाओं और अन्य जनहितैषी योजनाओं की प्रगति की बारीकी से समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराते हुए उनकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पिंडरई में ग्रामीणों से सीधा संवाद

निरीक्षण के दौरान सुश्री सिमरनप्रीत कौर ने ग्राम पिंडरई के ग्रामीणों से आत्मीय संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं एवं अपेक्षाएं सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों की बातों को अत्यंत संवेदनशीलता एवं धैर्य के साथ सुना और ग्राम पंचायत में कराए गए निर्माण एवं विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की।

ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, रोजगार एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने रखीं। इस पर सीईओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।

उपार्जन केंद्र एवं आयुष्मान कार्ड शिविर का निरीक्षण

भ्रमण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम पंचायत दशरमन में समिति स्तरीय उपार्जन केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने उपार्जन प्रक्रिया की पारदर्शिता, किसानों की सुविधा और समयबद्ध भुगतान को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली।

इसके साथ ही उन्होंने आयुष्मान कार्ड शिविर का अवलोकन करते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका से संवाद किया। सुश्री कौर ने निर्देश दिए कि पात्र सभी हितग्राहियों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं, ताकि जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कार्यकर्ताओं को जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया।

मनरेगा एवं शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण

जिला पंचायत सीईओ ने मनरेगा योजना के अंतर्गत कराए जा रहे बाउंड्री वॉल निर्माण एवं “मां की बगिया” योजना के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा के कार्य न केवल रोजगार सृजन का माध्यम हैं, बल्कि ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए इनकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने शालाओं में पहुंचकर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, वितरण व्यवस्था एवं निर्धारित मेन्यू की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों को पौष्टिक, स्वच्छ एवं समय पर भोजन उपलब्ध कराया जाए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।

जल संरक्षण को लेकर दिए अहम निर्देश

सुश्री कौर ने ग्राम पटना एवं जामुन चुआ में वाटरशेड परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित नवीन तालाब निर्माण के लिए चयनित स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने तकनीकी अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाबों एवं अन्य जल संरचनाओं का स्थल चयन इस प्रकार किया जाए कि वर्षा जल का अधिकतम संचय हो सके।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, संवर्धन एवं संचय वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बरसात के पानी की एक-एक बूंद सहेजने की दिशा में ठोस और दूरदर्शी योजना बनाकर कार्य किया जाए, जिससे भविष्य में जल संकट से निपटा जा सके।

भमका में कृषि नवाचारों का अवलोकन

निरीक्षण के दौरान सुश्री कौर ने ग्राम भमका में मौसमी सब्जियों के उत्पादन हेतु किसानों को उपलब्ध कराए जाने वाले पौधों की तैयारी के लिए बनाए गए नेट शेड का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नवाचार किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हैं और इन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

अधिकारियों को स्पष्ट संदेश

पूरे भ्रमण के दौरान जिला पंचायत की सीईओ ने एक स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनहित सर्वोपरि हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के सहायक प्रबंधक, तकनीकी अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button