भोपाल- मध्यप्रदेश के दूरदराज इलाकों में ठेले, कंधे और साइकिल पर शव ले जाने वाली तस्वीर अब मध्य प्रदेश में नहीं दिखेगीं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन(एनएचएम) की मदद से सरकार पूरे प्रदेश में 148 आधुनिक शव वाहनों की सेवा शुरू करने जा रही है जरूरतमंद 1080 नंबर कॉल कर शव वाहन बुलाकर शव को घर तक ले जा सकते हैं। शव वाहनों के लिए टेंडर प्रक्रिया हो गई है। एक महीने में पूरे शुरू होने वाली सेवा के पहले चरण में 60 शव वाहन शुरू होंगे। यानी सभी जिलों में एक-एक वाहन भेजा जाएगा। भोपाल में जीएमसी जैसे बड़े मेडिकल कॉलेज में दो या अधिक वाहन भी दिए जा सकते हैं क्योंकि यह प्रदेश भर के अलग-अलग जिलों से मरीज पहुंचते हैं।
वाहन होंगे पूरी तरह मॉडिफाइड अंदर ही हर सुविधा होगी मौजूद
फोर्स कंपनी के नॉन एसी ट्रेवल्स डीजल वाहनों को शव वाहन के तौर पर तैयार किया जा रहा है। इसकी खिड़कियां पारदर्शी होगी। वाहन में फ्यूमीगेशन मशीन और वॉशिंग इंक्युपमेंट रहेंगे। हर शव को गंतव्य तक पहुंचाने के बाद वाहन पूरी तरह सैनिटाइज किया जाएगा और बाहर से इसकी धुलाई होगी। स्ट्रेचर, फायर एक्सटिंगिवशर, फायर ब्लैंकेट, पंखे भी गाड़ी में रहेंगे। इस शव वाहन में दो या तीन परिजन शव के साथ जा सकेंगे। नॉन एसी गाड़ियां रखी गई है ताकि ग्रामीण इलाकों में भी परिचालन का खर्च कम रहे।