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मौसम ने बदली करवट, कटनी जिले में तेज बारिश से खरीदी केंद्रों में भीगी धान, कई खरीदी केंद्रों में भरा पानी, किसान परेशान

कलयुग की कलम से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

कटनी- मध्य प्रदेश के महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के कई इलाकों में आज बारिश की संभावना जताई गई हैं। इधर कुछ इलाकों में हो रही बारिश से किसान परेशान हैं। कटनी में खरीदी केंद्रों पर बारिश के पानी से धान भीग गई है। यहां इसकी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। बारिश से धान भीगने के बाद किसान परेशान हैं।

कटनी जिले में शुक्रवार से मौसम बिगड़ा हुआ था। बादलों ने डेरा डाल रखा था और रात से हवाओं के बीच बूंदाबांदी हुई। सुबह से ही जिले में बारिश का दौर जारी है। दो घंटे से जारी बारिश में समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों में किसानों की परेशानी बढ़ गई है।

सुरक्षा के इंतजाम न होने से केंद्रों में धान गीली हो रही है। जिन किसानों की धान केंद्रों में खुले में रखी है, वे सुबह से ही अपना अनाज बचाने की जुगत में लगे हैं। वहीं धान का उठाव न होने से कई केंद्रों में ढेर लगा है और सरकारी धान को बचाने भी पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था केंद्रों में नही है।

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बहोरीबंद क्षेत्र के कूड़न खरीदी केंद्र में पानी भर गया। किसान परेशान यहां पर तिरपाल से धान के एक दो ढेर ही बचा पाए। यही स्थिति जिले के अन्य केंद्रों की भी है। वहीं बादलों के कारण तीन दिन से तापमान बढ़ गया था, बारिश होते ही ठंड भी बढ़ गई है।

20 हजार किसान से खरीदी एक लाख 80 हजार टन धान

दो दिसंबर से शुरू हुई खरीदी 20 जनवरी तक चलेगी। अब खरीदी के लिए महज 22 से 23 दिन ही शेष रह गए हैं, लेकिन अभी भी पंजीयन कराने वाले किसानों में से आधे की भी धान नहीं खरीदी गई है। जिले में करीब 56 हजार किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया, जिसमें से सिर्फ 20 हजार किसान ने ही शासन को धान बेचा है।

करीब एक लाख 79 हजार 535 टन धान खरीदी है। अधिकांश धान अभी भी खुले में पड़ा है, जिससे किसान और प्रशासन, दोनों की चिंता बढ़ गई है। मिलर्स द्वारा अभी भी रफ्तार से खरीदी केंद्रों से धान नहीं उठाई जा रही है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

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