क्षेत्र की नारी करे पुकार—अवैध शराब बंद करे सरकार! मडे़रा कॉलोनी से 4 किलोमीटर पैदल मार्च कर उमरिया पान पहुंचीं महिलाएं, थाना और तहसील कार्यालय में सौंपा ज्ञापन,थाना एवं तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई।
कलयुग की कलम से राकेश यादव

क्षेत्र की नारी करे पुकार—अवैध शराब बंद करे सरकार! मडे़रा कॉलोनी से 4 किलोमीटर पैदल मार्च कर उमरिया पान पहुंचीं महिलाएं, थाना और तहसील कार्यालय में सौंपा ज्ञापन,थाना एवं तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई।
कलयुग की कलम उमरिया पान – क्षेत्र में गांव-गांव संचालित कथित अवैध शराब पैकारियों के खिलाफ शुक्रवार को महिलाओं और ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया। “अवैध शराब बंद करो”, “महिलाओं को न्याय दो” जैसे नारों के साथ मडे़रा कॉलोनी से उमरिया पान तक करीब 4 किलोमीटर का पैदल मार्च निकाला गया। समाजसेवी चंद्रकांत ‘चंदू’ चौरसिया के नेतृत्व में निकली इस पदयात्रा में रास्ते में ग्रामीण, महिलाएं, पुरुष और कुछ स्कूली बच्चे भी जुड़ते गए। देखते ही देखते पदयात्रा ने बड़े जनसमूह का रूप ले लिया।

झंडा चौक पर बनी जाम की स्थिति
मडे़रा कॉलोनी से शुरू हुआ पैदल मार्च बमनी होते हुए उमरिया पान पहुंचा। उमरिया पान के झंडा चौक पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से कुछ समय के लिए जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में संचालित कथित अवैध शराब पैकारियों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने उमरिया पान थाना पहुंचकर अपनी शिकायत और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद नायब तहसीलदार कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
“कार्रवाई केवल औपचारिकता न हो”
समाजसेवी चंद्रकांत ‘चंदू’ चौरसिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री से परिवारों का माहौल बिगड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा समय-समय पर कार्रवाई तो की जाती है, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब की बिक्री पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है।
उन्होंने कहा कि ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र में उमरिया पान, सिलौंडी, रामपुर और खमतरा में लाइसेंसी शराब दुकानें संचालित हैं, इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध तरीके से शराब पहुंचने और बिकने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि अवैध पैकारियों को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
महिलाओं ने सुनाई घर-परिवार की पीड़ा
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने अवैध शराब की बिक्री से परिवारों पर पड़ रहे कथित दुष्प्रभावों को लेकर अपनी पीड़ा भी साझा की।
महिला राधाबाई ने बताया कि शराब की वजह से कई परिवार आर्थिक संकट और घरेलू विवादों से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार आर्थिक तंगी के कारण बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था तक प्रभावित होती है और शराब पीने के बाद घरों में विवाद की स्थिति बन जाती है।
वहीं शांतिबाई ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर शराब उधार तक उपलब्ध करा दी जाती है। उनके अनुसार देर रात तक शराब मिलने से लोग नशे में विवाद और अशांति करते हैं, जिसका सबसे अधिक असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है।
“तेल-शक्कर के लिए पैसे नहीं, शराब के लिए इंतजाम”
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कई गरीब परिवार रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानी झेलते हैं, लेकिन शराब के लिए किसी न किसी तरह पैसे की व्यवस्था हो जाती है। महिलाओं का कहना था कि अवैध शराब की आसानी से उपलब्धता के कारण नशे की समस्या बढ़ रही है और इसका सीधा असर परिवार की आर्थिक स्थिति, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू शांति पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि गांव-मोहल्लों में अवैध शराब की बिक्री और परिवहन पर सख्ती से रोक लगाई जाए महिलाओं ने यह भी बताया कि कुछ जगह पर गांजा भी धड़ल्ले से बिक रहा है उस पर भी कार्यवाही की जाए तथा शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नशामुक्ति अभियान पर भी उठाए सवाल
श्री चौरसिया ने कहा कि पुलिस प्रशासन और अन्य विभागों द्वारा समय-समय पर विद्यालयों एवं सार्वजनिक मंचों के माध्यम से नशामुक्ति अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की आसानी से उपलब्धता के कारण इन अभियानों के अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि जिस प्रकार शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है, उसी तरह सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर उत्पात और शांति भंग करने वालों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई तथा दंड का प्रावधान सख्ती से लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा तहसीलदार को ज्ञापन
ज्ञापन में कहा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शराब ठेकेदारों द्वारा कथित रूप से अवैध शराब की पैकारियां संचालित कराए जाने से शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही है तथा महिलाओं और युवतियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नायाब तहसीलदार एवं थाना पभारी ने ज्ञापन लेने के बाद ग्रामीणों एवं महिलाओं से मामले में जल्द कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

ज्ञापन के माध्यम से शासन-प्रशासन से अवैध शराब पैकारियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, प्रभावी कार्रवाई करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर नशे में उत्पात करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की गई है।
महिलाओं ने कहा—“अब चुप नहीं बैठेंगे”
पदयात्रा में शामिल महिलाओं और ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि अवैध शराब के कारण उनके परिवारों और बच्चों पर पड़ रहे असर को लेकर अब वे चुप नहीं बैठेंगे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से गांव-गांव अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
थाना एवं तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई।



