31 जुलाई तक चलेगा ‘स्टॉप डायरिया कैंपेन-2026′: बच्चों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन अलर्ट, सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने दिए सख्त निर्देश,स्वच्छ जल–समुचित उपचार, डायरिया से बचें हर बार’ थीम पर जिलेभर में चलेगा व्यापक जनजागरूकता अभियान, स्वास्थ्य से लेकर पंचायत तक सभी विभाग मिलकर करेंगे काम
कलयुग की कलम से राकेश यादव

31 जुलाई तक चलेगा ‘स्टॉप डायरिया कैंपेन-2026’: बच्चों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन अलर्ट, सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने दिए सख्त निर्देश,स्वच्छ जल–समुचित उपचार, डायरिया से बचें हर बार’ थीम पर जिलेभर में चलेगा व्यापक जनजागरूकता अभियान, स्वास्थ्य से लेकर पंचायत तक सभी विभाग मिलकर करेंगे काम
कलयुग की कलम कटनी – जिले में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को डायरिया (दस्त) जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संचालित “स्टॉप डायरिया कैंपेन-2026” को प्रभावी बनाने के लिए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अभियान के दौरान सभी गतिविधियों का समयबद्ध एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के मार्गदर्शन में संचालित यह राष्ट्रीय अभियान 31 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस वर्ष अभियान की थीम “स्वच्छ जल–समुचित उपचार, डायरिया से बचें हर बार” रखी गई है। इसका उद्देश्य बच्चों में डायरिया की रोकथाम, समय पर उपचार, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, बेहतर स्वच्छता व्यवस्था तथा जन-जागरूकता को बढ़ावा देना है।
सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पेयजल एवं स्वच्छता, स्कूल शिक्षा, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ ग्राम स्तर तक विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अभियान तभी सफल होगा जब सभी विभाग मिलकर सामुदायिक सहभागिता के साथ कार्य करेंगे।
अभियान के दौरान तीन चरणों में जिलेभर में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें सार्वजनिक स्थलों पर दीवार लेखन, स्वच्छता अभियान, नुक्कड़ नाटक, लोक माध्यमों से जनजागरूकता, तथा गांवों के बीच स्वच्छता एवं साफ-सफाई पर आधारित स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता अपनाने और डायरिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी।
जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान की नियमित समीक्षा, सतत निगरानी तथा निर्धारित प्रमुख संकेतकों के आधार पर प्रगति का मूल्यांकन किया जाए, ताकि अभियान के उद्देश्य प्रभावी रूप से पूरे हो सकें।
अभियान का मुख्य उद्देश्य
पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को डायरिया से सुरक्षित रखना,स्वच्छ पेयजल एवं व्यक्तिगत स्वच्छता को बढ़ावा देना,समय पर उपचार एवं ओआरएस-ज़िंक के उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना,ग्राम स्तर पर जनसहभागिता के माध्यम से स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देना।
यह अभियान स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ स्वच्छता और जनजागरूकता को मजबूत बनाने की दिशा में जिले का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।



