तीन दिन में मिली नई दिशा: ढीमरखेड़ा महाविद्यालय के ‘दीक्षारंभ समारोह’ ने नवागत विद्यार्थियों में जगाया आत्मविश्वास और करियर का संकल्प,उच्च शिक्षा, अनुशासन, मानसिक स्वास्थ्य, करियर मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास पर केंद्रित रहा त्रिदिवसीय आयोजन, कॉलेज की कार्यप्रणाली से रूबरू हुए प्रथम वर्ष के विद्यार्थी
कलयुग की कलम से राकेश यादव

तीन दिन में मिली नई दिशा: ढीमरखेड़ा महाविद्यालय के ‘दीक्षारंभ समारोह’ ने नवागत विद्यार्थियों में जगाया आत्मविश्वास और करियर का संकल्प,उच्च शिक्षा, अनुशासन, मानसिक स्वास्थ्य, करियर मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास पर केंद्रित रहा त्रिदिवसीय आयोजन, कॉलेज की कार्यप्रणाली से रूबरू हुए प्रथम वर्ष के विद्यार्थी
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा में मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार आयोजित तीन दिवसीय ‘दीक्षारंभ समारोह’ का शुक्रवार को गरिमामय समापन हुआ। 1 से 3 जुलाई तक चले इस आयोजन का उद्देश्य प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, विभिन्न गतिविधियों तथा भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराना रहा।
समारोह के पहले दिन कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं वंदना के साथ हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बृजलाल अहिरवार ने नवागत विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उच्च शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान विद्यार्थियों को महाविद्यालय के विभिन्न संकायों, उपलब्ध सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्था की जानकारी दी गई। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य विषय पर आयोजित विशेष उन्मुखीकरण सत्र में डॉ. राजाराम सिंह ने विद्यार्थियों और स्टाफ को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों तथा उनके समाधान पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
दूसरे दिन आयोजित सत्रों में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), परीक्षा प्रणाली, सतत आंतरिक मूल्यांकन (CCE) तथा महाविद्यालय के अनुशासन संबंधी नियमों से अवगत कराया गया। डॉ. मनीषा व्यास ने शैक्षणिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी, जबकि डॉ. श्वेता सिंह बघेल ने छात्रवृत्ति एवं शासकीय योजनाओं के बारे में मार्गदर्शन दिया। डॉ. कृष्ण कुमार नागवंशी ने राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), डॉ. सचिन कोस्टा ने खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों तथा डॉ. हर्षित द्विवेदी ने स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की भूमिका पर विस्तार से जानकारी साझा की।
समारोह के अंतिम दिन विद्यार्थियों के करियर निर्माण को केंद्र में रखते हुए विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किया गया। डॉ. हर्षित द्विवेदी ने समय प्रबंधन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, डिजिटल साक्षरता और लक्ष्य निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर उपयोगी सुझाव दिए। इसके बाद विद्यार्थियों ने महाविद्यालय की भौतिकी, रसायन एवं वनस्पति विज्ञान प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय तथा इनडोर खेल कक्ष का भ्रमण कर उपलब्ध संसाधनों की जानकारी प्राप्त की।
समापन सत्र में प्राचार्य डॉ. बृजलाल अहिरवार ने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, पुस्तकालय के अधिकतम उपयोग और जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। वरिष्ठ विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए नवप्रवेशित छात्रों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार प्रदर्शन डॉ. अखिलेश कुमार द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, डॉ. स्मिता परसाई, श्री युवराज कुमार तिवारी, श्री जवाहरलाल चौधरी सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
यह त्रिदिवसीय दीक्षारंभ समारोह नवागत विद्यार्थियों के लिए केवल परिचयात्मक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि उच्च शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और भविष्य की स्पष्ट दिशा प्रदान करने वाला प्रेरणादायी मंच भी सिद्ध हुआ।



