प्रशासनमध्यप्रदेश

वन अधिकार दावों के शत-प्रतिशत निराकरण की तैयारी तेज: ढीमरखेड़ा में 23 जून को होगी विशेष कार्यशाला, ग्राम समितियों को मिलेगा दावा प्रक्रिया का प्रशिक्षण

कलयुग की कलम से राकेश यादव

वन अधिकार दावों के शत-प्रतिशत निराकरण की तैयारी तेज: ढीमरखेड़ा में 23 जून को होगी विशेष कार्यशाला, ग्राम समितियों को मिलेगा दावा प्रक्रिया का प्रशिक्षण

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – जिले में वन अधिकार संबंधी लंबित एवं पूर्व में निरस्त दावों के प्रभावी निराकरण के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देशानुसार आगामी 1 जुलाई से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान संचालित किया जाएगा, जिसके तहत वर्ष 2025 के अंत तक निरस्त किए गए दावों की पुनः समीक्षा के साथ-साथ नए प्राप्त होने वाले दावों का भी समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

इसी अभियान को गति देने के उद्देश्य से 23 जून को जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मंगल भवन में प्रातः 11 बजे से एक दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वन अधिकार दावों की प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाना तथा संबंधित अधिकारियों एवं समितियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करना है।

सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पर रहेगा विशेष फोकस

कार्यशाला में विशेष रूप से सामुदायिक वन संसाधन अधिकार (CFRR) से जुड़े दावों की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही ग्रामसभा, वन अधिकार समिति, वन विभाग तथा राजस्व विभाग की जिम्मेदारियों और समन्वय की भूमिका को भी स्पष्ट किया जाएगा, ताकि दावों के निराकरण में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा न आए।

विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण, स्थानीय अमले की उपस्थिति अनिवार्य

प्रशिक्षण सत्र में ATREE अन्वेषण संस्था के विशेषज्ञ सहभागियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। कलेक्टर ने जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा क्षेत्र के संबंधित ग्रामों की वन अधिकार समितियों के पदाधिकारियों, वन रक्षकों तथा पटवारियों को कार्यशाला में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

समयबद्ध अभियान से मिलेगा वनवासियों को लाभ

प्रशासन का लक्ष्य है कि विशेष अभियान के माध्यम से वन अधिकार संबंधी लंबित मामलों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण किया जा सके, जिससे पात्र हितग्राहियों को उनके अधिकारों का लाभ समय पर उपलब्ध हो और ग्रामीण क्षेत्रों में वन अधिकार अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

Related Articles

Back to top button