वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शिक्षा, स्वास्थ्य और योजनाओं की गहन समीक्षा,हर बच्चे का स्कूल में प्रवेश और स्वास्थ्य सेवाओं पर कड़ी निगरानी—मुख्य सचिव के सख्त निर्देश
कलयुग की कलम से राकेश यादव

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शिक्षा, स्वास्थ्य और योजनाओं की गहन समीक्षा,हर बच्चे का स्कूल में प्रवेश और स्वास्थ्य सेवाओं पर कड़ी निगरानी—मुख्य सचिव के सख्त निर्देश
कलयुग की कलम कटनी – मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शाला जाने योग्य प्रत्येक बच्चे का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए और स्वास्थ्य सेवाओं की संवेदनशीलता के साथ नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के प्रयासों को और मजबूत किया जाए तथा आंगनवाड़ी केन्द्रों और स्कूलों के कोलोकेशन में जनभागीदारी बढ़ाई जाए। 6 वर्ष पूर्ण कर चुके लगभग 10.45 लाख बच्चों की पहचान की गई है, जिनका अनिवार्य रूप से शाला में प्रवेश कराया जाए। आंगनवाड़ी भवनों के लिए बस्ती के पास जमीन चिन्हित करने और आवश्यकता पड़ने पर मद परिवर्तन कर भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर देते हुए कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि वे माह में कम से कम दो बार समीक्षा बैठक करें और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए ठोस कदम उठाएं। गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, हाई रिस्क गर्भावस्था की निगरानी, अति कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने तथा अस्पतालों और दवा स्टोर का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले को सक्रिय कर समन्वय के साथ कार्य किया जाए।
प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सख्ती दिखाते हुए मुख्य सचिव ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों, विशेषकर 100 दिन से अधिक समय से लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। लोक सेवा गारंटी योजना में सेवाएं समयसीमा में प्रदान करने और लापरवाही पर कार्रवाई करने की बात कही गई। स्वामित्व योजना के लंबित प्रकरण 15 दिनों में निपटाने, स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों को गति देने तथा श्रम विभाग की संबल और मानधन योजनाओं में पात्र श्रमिकों का पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने गेहूं उपार्जन को लेकर बताया कि केंद्र सरकार द्वारा कोटा बढ़ाया गया है, इसलिए सभी खरीदी केन्द्रों पर बारदाना, तौल कांटे और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। किसान अब 23 मई तक स्लॉट बुक कर सकेंगे। इसके साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की सतत निगरानी और नलजल योजनाओं के नियमित संचालन पर भी जोर दिया गया।
बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने जानकारी दी कि सड़क सुरक्षा के प्रयासों से दुर्घटनाओं और मृत्यु दर में कमी आई है। नशामुक्त भारत अभियान के तहत जनवरी से अप्रैल तक 818 प्रकरण दर्ज कर करीब 120 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं।
कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष से आयोजित इस बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, निगमायुक्त तपस्या परिहार सहित अन्य जिला अधिकारी वर्चुअली शामिल रहे। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन ही विकास की कुंजी है।



