मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान पर सख्ती: ढीमरखेड़ा में आज योजनाओं की होगी बड़ी समीक्षा, लापरवाही पर रहेगा फोकस,सीईओ युजवेंद्र कोरी की अध्यक्षता में होगी अहम बैठक, सीएम हेल्पलाइन, पीएम आवास, संबल योजना और लंबित विकास कार्यों की होगी विस्तृत समीक्षा
कलयुग की कलम से राकेश यादव

मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान पर सख्ती: ढीमरखेड़ा में आज योजनाओं की होगी बड़ी समीक्षा, लापरवाही पर रहेगा फोकस,सीईओ युजवेंद्र कोरी की अध्यक्षता में होगी अहम बैठक, सीएम हेल्पलाइन, पीएम आवास, संबल योजना और लंबित विकास कार्यों की होगी विस्तृत समीक्षा
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा में शुक्रवार, 7 अगस्त को विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक सुबह 11:30 बजे मंगल भवन में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी युजवेंद्र कोरी की अध्यक्षता में होगी, जिसमें योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लंबित कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बैठक में सभी ग्राम पंचायतों के सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, सहायक यंत्री, उपयंत्री, पंचायत समन्वय अधिकारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी तथा शाखा प्रभारियों को अद्यतन जानकारी के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान प्रगति और उपलब्धियों का विस्तृत प्रतिवेदन भी प्रस्तुत करने को कहा गया है।
बैठक में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उसकी प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण, मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, अनुग्रह सहायता प्रकरण, व्हीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत श्रमिक नियोजन बढ़ाने, अधूरे विकास कार्यों को समय पर पूर्ण कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लंबित आवासों की पूर्णता की समीक्षा होगी।
इसके अलावा समग्र ई-केवाईसी की प्रगति और विभागीय एजेंडे में शामिल अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी अधिकारियों से जवाबदेही के साथ जानकारी ली जाएगी।
उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान को गंभीरता से लागू करने के निर्देश सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दिए हैं। इसी क्रम में ढीमरखेड़ा की यह समीक्षा बैठक योजनाओं में गति लाने, लंबित कार्यों को समयबद्ध पूरा कराने और शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



