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जिला पंचायत सीईओ ने चखकर परखा मध्यान्ह भोजन,जिले के सभी स्कूलों में अफसरों का औचक निरीक्षण, ढीमरखेड़ा सीईओ यजुवेंद्र कोरी ने झिन्ना पिपरिया व खमरिया का लिया जायजा, 

कलयुग की कलम से राकेश यादव

जिला पंचायत सीईओ ने चखकर परखा मध्यान्ह भोजन,जिले के सभी स्कूलों में अफसरों का औचक निरीक्षण, ढीमरखेड़ा सीईओ यजुवेंद्र कोरी ने झिन्ना पिपरिया व खमरिया का लिया जायजा, 

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – जिले के शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति और मूलभूत सुविधाओं का वास्तविक आकलन करने के उद्देश्य से सोमवार को जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर सहित सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों ने अपने-अपने विकासखंडों के स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक गतिविधियों, मध्यान्ह भोजन, स्वच्छता, पेयजल, शिक्षकों की उपस्थिति तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया गया।

यह निरीक्षण कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर किया गया, जिन्होंने विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर ने हाई स्कूल चाका एवं कुठला का निरीक्षण किया। उन्होंने ‘हमारे शिक्षक’ ऐप के माध्यम से शिक्षकों की उपस्थिति देखी, छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से संवाद कर पढ़ाई की स्थिति जानी तथा मध्यान्ह भोजन का स्वाद चखकर उसकी गुणवत्ता परखी। इसके अलावा स्टोर रूम का निरीक्षण कर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और साफ-सफाई की व्यवस्था का भी अवलोकन किया तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

ढीमरखेड़ा विकासखंड में जनपद पंचायत सीईओ यजुवेंद्र कोरी ने झिन्ना पिपरिया और खमरिया स्थित विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सवाल-जवाब किए, शिक्षकों की उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों, मध्यान्ह भोजन, स्वच्छता, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इसी क्रम में जनपद पंचायत कटनी के सीईओ प्रदीप सिंह ने चनेहटी, बहोरीबंद के सीईओ अभिषेक कुमार झा ने रैपुरा, इमलिया, पटीकला, पटोरी और गोरहा, विजयराघवगढ़ के सीईओ ब्रतेश जैन ने कांटी तथा रीठी के सीईओ राजेश नरेंद्र सिंह ने देवगांव, जमुनिया, सैदा, मड़िया और हरद्वारा सहित विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छ पेयजल, शौचालयों की स्थिति, खेलकूद गतिविधियों तथा स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे भोजन का भी अवलोकन किया। जहां भी कमियां मिलीं, उन्हें तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए।

जिला प्रशासन का कहना है कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन और सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें।

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