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वेतन वृद्धि की मांग को लेकर विश्वविद्यालय में कर्मचारियों का प्रदर्शन,महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय करौंदी में श्रमिकों, ड्राइवरों और कंडक्टरों ने सामूहिक धरना देकर उठाई आवाज

कलयुग की कलम से राकेश यादव

वेतन वृद्धि की मांग को लेकर विश्वविद्यालय में कर्मचारियों का प्रदर्शन,महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय करौंदी में श्रमिकों, ड्राइवरों और कंडक्टरों ने सामूहिक धरना देकर उठाई आवाज

कलयुग की कलम उमरिया पान करौंदी – महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय करौंदी में कार्यरत श्रमिक कर्मचारियों, बस चालकों, कंडक्टरों एवं अन्य कर्मचारियों ने सोमवार को वेतन वृद्धि और श्रमिक हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर सामूहिक रूप से हड़ताल और धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र होकर प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए जल्द समाधान की मांग की।

कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से विश्वविद्यालय में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान महंगाई के दौर में उन्हें मिलने वाला वेतन परिवार चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती जरूरतों और आर्थिक दबाव के बीच वर्तमान वेतनमान में जीवनयापन करना कठिन हो गया है।

धरना दे रहे कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को सामूहिक आवेदन लिखते हुए कलेक्ट्रेट दर के अनुसार वेतन निर्धारण, नियमित वेतन वृद्धि, साप्ताहिक अवकाश तथा अवकाश के दिन कार्य लेने पर ओवरटाइम भुगतान की मांग प्रमुख रूप से उठाई। कर्मचारियों ने कहा कि श्रमिकों को श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं और अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय में कई कर्मचारी वर्षों से कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें अब तक उचित वेतन और सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। कर्मचारियों ने कहा कि श्रमिक वर्ग विश्वविद्यालय की व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनके हितों की अनदेखी करना उचित नहीं है।

धरना प्रदर्शन में लेबर सुपरवाइजर भूरेलाल पटेल सहित संत राम पटेल, त्रिलोक चंद पटेल, सिद्धार्थ विश्वकर्मा, रज्जो बाई बर्मन, रमेश पटेल, नारायण प्रसाद पटेल, कुंवर लाल पटेल, रामेश्वरी बाई बर्मन, राहुल पटेल, गोविंद पटेल, हरिहर तिवारी, प्रहलाद पटेल, कमलेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में लेबर, ड्राइवर, बस कंडक्टर और कंप्यूटर ऑपरेटर कर्मचारी शामिल रहे।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। वहीं प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई।

श्रमिकों का कहना है कि वे किसी टकराव की स्थिति नहीं चाहते, बल्कि सम्मानजनक वेतन और श्रम नियमों के अनुसार सुविधाएं चाहते हैं ताकि वे बेहतर ढंग से अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से जल्द चर्चा कर समाधान निकालने की मांग की है।

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