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रूपनाथ धाम में गूंजा जल संरक्षण का संदेश,गंगा दशमी पर राज्य मंत्री धर्मेन्द्र लोधी ने किया श्रमदान, कुंड सफाई अभियान में शामिल हुए हजारों लोग

कलयुग की कलम से राकेश यादव

रूपनाथ धाम में गूंजा जल संरक्षण का संदेश,गंगा दशमी पर राज्य मंत्री धर्मेन्द्र लोधी ने किया श्रमदान, कुंड सफाई अभियान में शामिल हुए हजारों लोग

कटनी बहोरीबंद – गंगा दशमी के पावन अवसर पर बहोरीबंद स्थित प्रसिद्ध रूपनाथ धाम सोमवार को जल संरक्षण और जनभागीदारी का केंद्र बन गया। “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने स्वयं श्रमदान कर रूपनाथ धाम कुंड की साफ-सफाई की और जिलेवासियों को जल संरक्षण का प्रेरक संदेश दिया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मेहरा, कलेक्टर श्री आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, सहायक कलेक्टर श्लोक वाईकर, एसडीएम प्रदीप कुमार मिश्रा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और नागरिक मौजूद रहे।

राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर शुरू हुआ “जल गंगा संवर्धन अभियान” केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि जल संरचनाओं का संरक्षण, कुंडों की सफाई और भूजल संवर्धन आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दें और गांव-गांव में तालाब, कुएं, बावड़ी और पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने में सहभागिता निभाएं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और गरीब कल्याण योजनाओं की जानकारी भी साझा की।

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में जल स्रोतों की पूजा और संरक्षण की परंपरा सदियों पुरानी है। उन्होंने लोगों से श्रमदान कर जल संरचनाओं के संवर्धन और स्वच्छता में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की शुरुआत राज्य मंत्री श्री लोधी द्वारा भगवान रूपनाथ के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना से हुई। पूरे आयोजन के दौरान रूपनाथ धाम में धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला।

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