आस्थामध्यप्रदेश

उमरियापान में आस्था का महासंगम: गाजे-बाजे के साथ निकले जवारे, भक्ति में डूबा पूरा नगर  झंडा चौक से बड़ी माई मंदिर तक गूंजे जयकारे, काली स्वरूप रहा आकर्षण का केंद्र बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं की सहभागिता ने रचा सांस्कृतिक एकता का अद्भुत दृश्य सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन रहा चौकन्ना 

कलयुग की कलम से राकेश यादव

उमरियापान में आस्था का महासंगम: गाजे-बाजे के साथ निकले जवारे, भक्ति में डूबा पूरा नगर  झंडा चौक से बड़ी माई मंदिर तक गूंजे जयकारे, काली स्वरूप रहा आकर्षण का केंद्र बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं की सहभागिता ने रचा सांस्कृतिक एकता का अद्भुत दृश्य सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन रहा चौकन्ना 

कलयुग की कलम उमरिया पान – चैत्र नवरात्रि के अंतिम दिन उमरियापान नगर में आस्था, श्रद्धा और पारंपरिक संस्कृति का भव्य एवं ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। पूरे नगर में धार्मिक उल्लास और भक्ति भाव के साथ जवारे विसर्जन का भव्य चल समारोह निकाला गया, जिसमें बुजुर्गों, युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करता रहा।

सुबह से ही देवी मंदिरों में विशेष पूजन-अर्चन का दौर प्रारंभ हो गया था। नवरात्रि के नौ दिनों तक श्रद्धापूर्वक बोए गए जवारों को विधि-विधान से पूजकर श्रद्धालुओं ने सिर पर धारण किया और पारंपरिक वेशभूषा में कतारबद्ध होकर भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए। विभिन्न विभिन्न मंदिरों से जुलूस नगर भ्रमण करते हुए झंडा चौक से होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ बड़ी माई मंदिर पहुंचा, जहां विधिवत पूजन के बाद जवारों का विसर्जन किया गया।

चल समारोह के दौरान पूरे मार्ग में “जय माता दी” के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे। ढोल-नगाड़ों की थाप और भक्ति गीतों ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।इस अवसर पर “काली” का रूप धारण किए कलाकारों द्वारा खप्पर लेकर किया गया भावपूर्ण नृत्य मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। उनकी प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। वहीं पंडाओं द्वारा किए गए पारंपरिक धार्मिक प्रदर्शन ने भी जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महिलाएं एवं युवतियां सिर पर जवारे और कलश धारण कर भक्ति गीतों के साथ चल समारोह में शामिल रहीं, जिससे भारतीय संस्कृति और परंपरा की अनुपम झलक दिखाई दी। युवा वर्ग ढोल-नगाड़ों की धुन पर उत्साहपूर्वक नृत्य करते हुए पूरे आयोजन को और भी जीवंत बना रहा था। वहीं बुजुर्गों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा और आशीर्वाद प्रदान किया।

 कानून व्यवस्था में पुलिस की सक्रिय भूमिका

इस भव्य चल समारोह के दौरान थाना प्रभारी उमरिया पान महेंद्र जायसवाल ने अपने समस्त पुलिस स्टाफ के साथ पूरे आयोजन में सक्रिय रूप से मौजूद रहकर कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस बल ने पूरे मार्ग में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखते हुए शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया।नगरवासियों ने पुलिस प्रशासन की इस सक्रियता की सराहना की, जिससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।

पूरे नगर में भक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक एकता का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने उमरियापान की धरती को पूर्णतः देवीमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

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