कटनी में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की तिथियां घोषित, पात्र कन्याओं को मिलेंगे ₹49 हजार,20 नवंबर, 12 दिसंबर और 11 फरवरी 2027 को जिलेभर में होंगे सामूहिक विवाह एवं निकाह समारोह, आवेदन प्रक्रिया शुरू
कलयुग की कलम से राकेश यादव

कटनी में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की तिथियां घोषित, पात्र कन्याओं को मिलेंगे ₹49 हजार,20 नवंबर, 12 दिसंबर और 11 फरवरी 2027 को जिलेभर में होंगे सामूहिक विवाह एवं निकाह समारोह, आवेदन प्रक्रिया शुरू
कलयुग की कलम कटनी – मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के अंतर्गत कटनी जिले में सामूहिक विवाह एवं निकाह कार्यक्रमों की तिथियां तय कर दी गई हैं। जिला प्रशासन ने योजना के सफल संचालन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। योजना के तहत पात्र कन्याओं को 49 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
जारी कार्यक्रम के अनुसार नगर निगम कटनी, जनपद पंचायत बहोरीबंद और नगर परिषद बरही में देवउठनी ग्यारस के अवसर पर 20 नवंबर 2026 को सामूहिक विवाह एवं निकाह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए आवेदन 5 नवंबर तक जमा किए जा सकेंगे। इसके बाद जनपद पंचायत कटनी, ढीमरखेड़ा, नगर परिषद कैमोर और विजयराघवगढ़ में 12 दिसंबर 2026 को सामूहिक विवाह आयोजित होंगे, जिनके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 28 नवंबर निर्धारित की गई है। वहीं जनपद पंचायत विजयराघवगढ़, रीठी और बड़वारा में 11 फरवरी 2027 को सामूहिक विवाह कार्यक्रम संपन्न होगा। इसके लिए आवेदन 28 जनवरी 2027 तक स्वीकार किए जाएंगे।
योजना का लाभ केवल उन जोड़ों को मिलेगा जो गरीबी रेखा के अंतर्गत आते हैं और जिनकी पात्रता बीपीएल पोर्टल पर सत्यापित हो। प्रत्येक आयोजन में न्यूनतम 11 और अधिकतम 200 जोड़ों का विवाह कराया जाएगा। निर्धारित तिथि से कम से कम 15 दिन पूर्व वर-वधू या उनके माता-पिता को संयुक्त रूप से आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद उसे ऑनलाइन दर्ज कर पावती दी जाएगी। ई-केवाईसी या समग्र आईडी में किसी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर आवेदन सुधार के लिए वापस किया जाएगा।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पात्रता जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए। इसके तहत वधू के पड़ोसियों का पंचनामा, सरपंच के हस्ताक्षर तथा अधिकारियों द्वारा रेंडम जांच अनिवार्य होगी। सभी आवेदनों की जांच विवाह तिथि से सात दिन पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कार्यक्रमों को गरिमामय बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।



