आस्थामध्यप्रदेश

संकट की हर घड़ी में रक्षा करती हैं मुड़िया पुरवा की खेर माई, नवरात्रि में उमड़ा आस्था का सैलाब सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना खेर माई पूर्ण करती हैं।

कलयुग की कलम से राकेश यादव

संकट की हर घड़ी में रक्षा करती हैं मुड़िया पुरवा की खेर माई, नवरात्रि में उमड़ा आस्था का सैलाब सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना खेर माई पूर्ण करती हैं।

कलयुग की कलम उमरिया पान – क्षेत्र के मुड़िया पुरवा स्थित प्राचीन खेर माई मंदिर इन दिनों श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बना हुआ है। चैत्र नवरात्रि पर्व के चलते यहां सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के गांवों से भी भक्त माता के दर्शन और पूजन के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया है।

ग्रामीणों के अनुसार खेर माई के प्रति लोगों की आस्था सैकड़ों वर्षों पुरानी है। मान्यता है कि जब भी गांव पर कोई विपत्ति आती है, तो माता अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। यही कारण है कि खेर माई को गांव की आराध्य देवी, यानी ‘खेड़ा देवी’ के रूप में पूजा जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि माता की कृपा से उन्हें हर संकट से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।

मंदिर से जुड़े इतिहास को साझा करते हुए उमरियापान के पूर्व सरपंच जगन्नाथ मांझी बताते हैं कि उनके परिवार की चार पीढ़ियां माता की सेवा में समर्पित रही हैं। लगभग 75 वर्ष पहले उनकी दादी स्वर्गीय झूना बाई बर्मन ने यहां एक छोटी मढ़िया का निर्माण कराया था। समय के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी, जिसके बाद वर्ष 2012-13 में सरपंच रहते हुए उन्होंने मंदिर परिसर में एक बड़ी मढ़िया का निर्माण कराया। इससे न केवल मंदिर का स्वरूप विस्तृत हुआ, बल्कि भक्तों के लिए सुविधाएं भी बढ़ीं।

नवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में दुर्गा माता की प्रतिमा स्थापित की गई है, जहां प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। सुबह-शाम होने वाली आरती में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। नौ दिनों तक मंदिर परिसर में लगातार भक्तों का तांता लगा रहता है, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो जाता है।

इसके साथ ही यहां जवारें बोने की परंपरा भी पूरे विधि-विधान के साथ निभाई जा रही है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ जवारें बोते हैं, जिनका विसर्जन नवमीं के दिन किया जाएगा। मुड़िया पुरवा सहित आसपास के कई गांवों के लोग यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और माता से सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

भक्तों का अटूट विश्वास है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना खेर माई अवश्य पूर्ण करती हैं। यही अटूट आस्था हर वर्ष नवरात्रि के दौरान इस मंदिर को श्रद्धा का विशाल केंद्र बना देती है।

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