कटनी बनेगा देश का माइनिंग कैपिटल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,सोना, डोलोमाइट और बहुमूल्य खनिजों से बदलेगी कटनी की तस्वीर, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
कलयुग की कलम से राकेश यादव

कटनी बनेगा देश का माइनिंग कैपिटल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,सोना, डोलोमाइट और बहुमूल्य खनिजों से बदलेगी कटनी की तस्वीर, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
कलयुग की कलम कटनी – मध्यप्रदेश का कटनी जिला अब खनिज संपदा के दम पर देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में नई पहचान बनाने जा रहा है। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा है कि कटनी तेजी से देश के “माइनिंग कैपिटल” के रूप में विकसित हो रहा है। सोना, डोलोमाइट, तांबा, जिंक, लेड और चांदी जैसे बहुमूल्य खनिजों की उपलब्धता से यह जिला निवेश, उद्योग और रोजगार का नया केंद्र बनेगा।
बड़वारा में डोलोमाइट के विशाल भंडार आरक्षित
कटनी के बड़ेरा और बचरबाड़ा क्षेत्र में 50 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में तीन बड़े डोलोमाइट ब्लॉकों को खनन के लिए आरक्षित किया गया है। इससे खनिज आधारित उद्योगों के विस्तार को नई गति मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
इमलिया में मिला स्वर्ण अयस्क, ‘कनकपुरी’ बनने की ओर कटनी
स्लीमनाबाद तहसील के इमलिया (सुनाही) क्षेत्र में लगभग 3.35 लाख टन स्वर्ण अयस्क होने का अनुमान है। लंबे भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षणों के बाद इस खोज को अंतिम रूप दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कटनी को “कनकपुरी” यानी स्वर्ण नगरी के रूप में विकसित करने की परिकल्पना को विशेष महत्व दिया है।
सोने के साथ तांबा, जिंक, लेड और चांदी भी
इमलिया क्षेत्र में केवल सोना ही नहीं, बल्कि तांबा, जिंक, लेड और चांदी जैसे मूल्यवान खनिज भी पाए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह खोज कटनी को देश के प्रमुख बहु-खनिज क्षेत्रों में स्थापित करेगी।
50 वर्षों के लिए हुआ खनन समझौता
मुंबई स्थित Prospect Resources Mineral Private Limited ने 121 करोड़ रुपये से अधिक की बोली लगाकर 50 वर्षों के लिए खनन लीज प्राप्त की है। इससे क्षेत्र में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 से मिला 56 हजार करोड़ से अधिक निवेश
अगस्त 2025 में आयोजित Mining Conclave 2.0 में 56,414 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे सीमेंट, मिनरल प्रोसेसिंग, ऊर्जा और धातु प्रसंस्करण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर औद्योगिक विस्तार की संभावना है।
तकनीक से अवैध खनन पर नियंत्रण
जिले में ई-चेक गेट और माइनिंग सर्विलांस सिस्टम के जरिए खनिज परिवहन की निगरानी की जा रही है। इससे अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
100 करोड़ से बढ़कर 160 करोड़ रुपये पहुंचा खनिज राजस्व
बेहतर प्रबंधन और तकनीकी निगरानी के कारण कटनी का वार्षिक खनिज राजस्व उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। आने वाले वर्षों में नई खदानों और उद्योगों के शुरू होने से इसमें और वृद्धि की संभावना है।
रोजगार और विकास का नया केंद्र बनेगा कटनी
खनिज आधारित उद्योगों के विस्तार से स्थानीय युवाओं, आदिवासी समुदायों और श्रमिकों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। सड़क, बिजली, जल और परिवहन जैसी आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कटनी अब केवल चूना नगरी नहीं रहेगा, बल्कि यह खनिज आधारित औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार और आधुनिक खनन प्रबंधन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा। “स्वर्ण नगरी” और “माइनिंग कैपिटल” की अवधारणा के साथ कटनी देश के अग्रणी औद्योगिक जिलों में शामिल होगा।



