प्रशासनमध्यप्रदेश

लक्ष्य से पीछे रहे कार्य, श्रमिक नियोजन में कमी और संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रशासन की कार्रवाई”मनरेगा और जल गंगा अभियान में लापरवाही पड़ी भारी जिला पंचायत सीईओ की सख्ती, एपीओ के दो दिन के पारिश्रमिक कटौती के आदेश

कलयुग की कलम से राकेश यादव

लक्ष्य से पीछे रहे कार्य, श्रमिक नियोजन में कमी और संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रशासन की कार्रवाई”मनरेगा और जल गंगा अभियान में लापरवाही पड़ी भारी जिला पंचायत सीईओ की सख्ती, एपीओ के दो दिन के पारिश्रमिक कटौती के आदेश

कलयुग की कलम कटनी – जल गंगा संवर्धन अभियान एवं मनरेगा कार्यों की समीक्षा के दौरान सामने आई गंभीर अनियमितताओं पर जिला पंचायत प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति नहीं होने, श्रमिक नियोजन में कमी तथा कार्यों के क्रियान्वयन में लापरवाही पाए जाने पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ की अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ) श्रीमती नीतू सिंह चौहान के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए दो दिन के पारिश्रमिक की कटौती के आदेश जारी किए हैं।

समीक्षा में उजागर हुई कई गंभीर खामियां

जिला पंचायत स्तर पर की गई समीक्षा में पाया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत स्वीकृत सैकड़ों निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी। कई कार्य ऐसे पाए गए जिन्हें पोर्टल पर पूर्ण अथवा भौतिक रूप से पूर्ण दर्शाया गया, जबकि वास्तविक स्थिति इससे भिन्न थी। इससे कार्यों की मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं।

श्रमिक नियोजन और ई-केवाईसी में भी रही सुस्ती

मनरेगा के तहत श्रमिकों के आधार ई-केवाईसी कार्य में भी बेहद धीमी प्रगति दर्ज की गई। वहीं बड़ी संख्या में निर्माण कार्य प्रगतिरत होने के बावजूद अपेक्षित मानव दिवस सृजन नहीं हो सका। समीक्षा के दौरान कई ग्राम पंचायतों में श्रमिक नियोजन शून्य पाया गया, जिसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना है।

कारण बताओ नोटिस का जवाब भी नहीं रहा संतोषजनक

प्रकरण में संबंधित अधिकारी को पूर्व में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था, लेकिन निर्धारित समयावधि में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। बाद में प्राप्त स्पष्टीकरण भी संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद जिला पंचायत सीईओ ने प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए दंडात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए।

कार्यों में गुणवत्ता और जवाबदेही से नहीं होगा समझौता

सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने स्पष्ट किया है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। विकास कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्ध पूर्णता और श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लक्ष्य में बाधा बनने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

जिलेभर में बढ़ेगी निगरानी

प्रशासन अब जल संरक्षण, मनरेगा और अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी कार्यों की वास्तविक प्रगति सुनिश्चित करें तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में कोई कोताही न बरतें।

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