खनिज राजस्व में नहीं चलेगी ढिलाई, बकायादारों पर आरआरसी की गाज,कलेक्टर आशीष तिवारी ने दिए कड़े निर्देश, अगस्त तक 47.80 करोड़ का राजस्व हासिल,अवैध परिवहन के 97 मामलों में 73.28 लाख रुपए का अर्थदंड वसूला
कलयुग की कलम से राकेश यादव

खनिज राजस्व में नहीं चलेगी ढिलाई, बकायादारों पर आरआरसी की गाज,कलेक्टर आशीष तिवारी ने दिए कड़े निर्देश, अगस्त तक 47.80 करोड़ का राजस्व हासिल,अवैध परिवहन के 97 मामलों में 73.28 लाख रुपए का अर्थदंड वसूला
कलयुग की कलम कटनी – जिले में खनिज संपदा से शासन को मिलने वाले राजस्व की शत-प्रतिशत वसूली को लेकर कलेक्टर आशीष तिवारी ने खनिज विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं। राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान उन्होंने साफ कहा कि शासन की राशि जमा कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बकाया राशि निर्धारित अवधि में जमा नहीं करने वाले खदान संचालकों के विरुद्ध आरआरसी के माध्यम से वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों से वित्तीय वर्ष के राजस्व लक्ष्य और अब तक हुई वसूली की जानकारी लेते हुए कहा कि जिन खदान संचालकों द्वारा स्वीकृत मात्रा के अनुसार खनिज का उत्पादन अथवा प्रेषण नहीं किया जा रहा है, उनके खदान क्षेत्रों का मौके पर सत्यापन कराया जाए। साथ ही रॉयल्टी अथवा अन्य देय राशि जमा नहीं करने के कारणों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
पुराने बकायेदारों पर भी कसेगा शिकंजा
बैठक में पूर्व वर्षों से बंद पड़ी खदानों और डेड रेंट की राशि बकाया रखने वाले खदान धारकों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बकायादारों को निर्धारित समय-सीमा में राशि जमा करने के लिए कार्रवाई की जाए। इसके बाद भी भुगतान नहीं होने पर भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत आरआरसी जारी कर वसूली सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्वीकृत खदानों में अनुमोदित मात्रा के अनुरूप खनिज उत्पादन एवं प्रेषण की निगरानी करने तथा राजस्व संग्रहण को गति देने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
बिना रॉयल्टी खनिज ढोया तो पंजीयन पर कार्रवाई
अवैध खनिज परिवहन पर भी कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देशित किया कि बिना वैध रॉयल्टी अथवा आवश्यक दस्तावेजों के खनिज परिवहन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए। गंभीर मामलों में खनिज पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने खनिज विभाग के मैदानी अमले को नियमित जांच और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि अवैध उत्खनन एवं परिवहन के जरिए शासन को होने वाली राजस्व क्षति पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
जिले में 196 खदानें संचालित
बैठक में विभाग की ओर से बताया गया कि जिले में वर्तमान में मुख्य खनिज की 119 और गौण खनिज की 77 खदानें, यानी कुल 196 खदानें संचालित हैं। इनसे चालू वित्तीय वर्ष में अगस्त माह के अंत तक 47 करोड़ 80 लाख रुपए का खनिज राजस्व प्राप्त हो चुका है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को राजस्व वसूली की गति और बढ़ाने तथा वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल करने के निर्देश दिए।
अवैध उत्खनन-परिवहन पर 81.17 लाख का जुर्माना
खनिज विभाग की कार्रवाई में अगस्त तक अवैध खनिज उत्खनन के 4 प्रकरणों में 7 लाख 89 हजार रुपए का अर्थदंड वसूला गया। वहीं अवैध खनिज परिवहन के 97 प्रकरणों में 73 लाख 28 हजार 223 रुपए का अर्थदंड वसूल किया गया।
इस तरह अवैध उत्खनन एवं परिवहन के मामलों में अब तक कुल 81 लाख 17 हजार 223 रुपए का अर्थदंड शासन के खाते में जमा कराया जा चुका है।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खनिज संपदा के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ शासन के राजस्व की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले खदान संचालकों और राजस्व वसूली में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।



