जनसुनवाई में कलेक्टर श्री तिवारी के सामने पहुंचे 168 फरियादी, समस्याओं के समाधान को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश,भूमि विवाद से लेकर पीएम आवास, लाड़ली बहना और खाद्यान्न पर्ची तक आए आवेदन; कलेक्टर बोले—समय-सीमा में हो गुणवत्तापूर्ण निराकरण, नागरिकों को न लगाने पड़ें दफ्तरों के चक्कर
कलयुग की कलम से राकेश यादव

जनसुनवाई में कलेक्टर श्री तिवारी के सामने पहुंचे 168 फरियादी, समस्याओं के समाधान को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश,भूमि विवाद से लेकर पीएम आवास, लाड़ली बहना और खाद्यान्न पर्ची तक आए आवेदन; कलेक्टर बोले—समय-सीमा में हो गुणवत्तापूर्ण निराकरण, नागरिकों को न लगाने पड़ें दफ्तरों के चक्कर
कलयुग की कलम कटनी – जिले के आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 168 आवेदकों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का तथ्यों के आधार पर परीक्षण करते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
जनसुनवाई के दौरान जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा, एसडीएम कटनी श्री प्रमोद चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
भूमि विवाद और सीमांकन के साथ योजनाओं से जुड़े आवेदन
जनसुनवाई में राजस्व विभाग से संबंधित बड़ी संख्या में आवेदन सामने आए। इनमें भूमि विवाद, सीमांकन, नामांतरण, भूमि आवंटन, अतिक्रमण हटाने और नक्शा सुधार जैसी समस्याएं शामिल रहीं। वहीं शिक्षा विभाग में मध्यान्ह भोजन के लिए रसोइया नियुक्त किए जाने से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए।
इसी प्रकार आबकारी विभाग से शराब दुकान बंद कराने, महिला एवं बाल विकास विभाग से लाड़ली बहना योजना की राशि दिलाने, खाद्य विभाग से खाद्यान्न पर्ची एवं जॉब कार्ड बनवाने तथा लोक सेवा से संबंधित समग्र परिवार आईडी में नाम जोड़ने के आवेदन आए।
इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना की नई सूची में नाम शामिल कराने और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के क्लेम की राशि दिलाने सहित अन्य विभागों से जुड़े प्रकरण भी कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
“नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें”
कलेक्टर श्री तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन की गंभीरता से जांच कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रकरणों के निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि किसी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों को अपने-अपने विभाग में लंबित मामलों की लगातार समीक्षा करते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर शासन की योजनाओं का लाभ, राहत और न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतों का निराकरण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि आवेदक की संतुष्टि और समस्या के वास्तविक समाधान को प्राथमिकता दी जाए।



