स्कूल बसों पर परिवहन विभाग का शिकंजा: उमरिया पान–ढीमरखेड़ा क्षेत्र में भी सघन जांच की उठी मांग, बच्चों की सुरक्षा से समझौता कब तक
कलयुग की कलम से राकेश यादव

स्कूल बसों पर परिवहन विभाग का शिकंजा: उमरिया पान–ढीमरखेड़ा क्षेत्र में भी सघन जांच की उठी मांग, बच्चों की सुरक्षा से समझौता कब तक?
कलयुग की कलम उमरिया पान – जिले में सड़क एवं यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर मंगलवार को परिवहन विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाकर स्कूल एवं यात्री बसों की सघन जांच की। अभियान के दौरान बिना वैध फिटनेस प्रमाण पत्र के संचालित एक यात्री बस को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की गई। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के अभिभावकों ने उमरियापान और ढीमरखेड़ा क्षेत्र में भी स्कूल बसों की व्यापक जांच की मांग उठाई है।
अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पॉल के नेतृत्व में कटनी-जबलपुर एवं कटनी-निवार मार्ग पर चलाए गए अभियान में 12 स्कूल बसों और 15 यात्री बसों की फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की गई। बसों में उपलब्ध अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, प्राथमिक उपचार किट सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान एक यात्री बस बिना वैध फिटनेस प्रमाण पत्र के संचालित पाई गई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए परिवहन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बस को निवार चौकी में जब्त कर लिया। संबंधित वाहन स्वामी के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पॉल ने कहा कि फिटनेस प्रमाण पत्र वाहन की तकनीकी सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। बिना फिटनेस के वाहन सड़क पर उतारना यात्रियों और स्कूली बच्चों की जान जोखिम में डालने के समान है। उन्होंने सभी वाहन संचालकों से समय-समय पर दस्तावेजों का नवीनीकरण कराने और परिवहन नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की।
इधर उमरियापान और ढीमरखेड़ा क्षेत्र के अभिभावकों का कहना है कि कई निजी स्कूल बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर परिवहन किया जाता है। कुछ बसें तकनीकी रूप से जर्जर और अनफिट दिखाई देती हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अभिभावकों ने मांग की है कि परिवहन विभाग ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूल वाहनों की भी नियमित और सघन जांच करे, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिलेभर में इस प्रकार के विशेष जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। बिना वैध दस्तावेज या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिससे जिले में सुरक्षित एवं व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।



