शिक्षा जगत का प्रेरणादायी सफर हुआ पूर्ण: 37 साल की सेवा के बाद सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए ओमप्रकाश चौरसिया
कलयुग की कलम से राकेश यादव

शिक्षा जगत का प्रेरणादायी सफर हुआ पूर्ण: 37 साल की सेवा के बाद सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए ओमप्रकाश चौरसिया
कलयुग की कलम उमरिया पान – शिक्षा के क्षेत्र में 37 वर्षों तक समर्पण, अनुशासन और संस्कारों की अलख जगाने वाले जनपद शिक्षा केन्द्र ढीमरखेड़ा अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला झिन्नापिपरिया के प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश चौरसिया शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। उनके सम्मान में विद्यालय परिसर में आयोजित विदाई समारोह भावनाओं से सराबोर रहा, जहां सहकर्मियों, विद्यार्थियों, परिजनों और शुभचिंतकों ने उनके उत्कृष्ट योगदान को याद करते हुए भावभीनी विदाई दी।
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि श्री चौरसिया ने अपने लंबे सेवाकाल में केवल शैक्षणिक दायित्वों का ही निर्वहन नहीं किया, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और संस्कारों का भी विकास किया। उनके सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण ने उन्हें शिक्षा जगत में एक सम्मानित पहचान दिलाई। विद्यालय परिवार ने उन्हें शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
इस अवसर पर पं. सुरेश त्रिपाठी, सीताराम मिश्रा, डॉ. कैलाश पटेल, बसंत चौरसिया, बीआरसी प्रेम कोरी, धिरपाल सिंह, दशरथ सिंह, रामेश्वर धुर्वे, बीएसी रामनाथ पटेल, बीएसी सुशील पटेल, सत्येन्द्र गर्ग, अखिलेश त्रिपाठी, सुधाकर उपाध्याय, श्रीमती आरती चौरसिया, हेमंत चौरसिया, श्रद्धा चौरसिया, संतोष रावते, प्रियंका मेहरा, शुभांशी मिश्रा, अश्विनी त्रिपाठी, कविता मेहरा, दीपक नामदेव, सत्यदेव महोबिया, सुरेंद्र घरते, गणेश महोबिया, किशोरी चौरसिया, धनंजय दुबे, मनीष चौरसिया, चंद्रेश चौरसिया एवं डॉ. योगेंद्र बहादुर चौरसिया सहित विद्यालय स्टाफ, परिजन और बड़ी संख्या में शुभचिंतक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन मुकेश त्रिपाठी ने किया, जबकि स्वप्निल चौरसिया ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह के समापन पर बैंड-बाजों के साथ श्री चौरसिया को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। इसके बाद वे अपने गृहग्राम उमरियापान पहुंचे, जहां उन्होंने बड़ीमाई मंदिर एवं कुलदेवता के दर्शन-पूजन कर अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की।



