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सूचना के बाद भी नहीं चेता बिजली विभाग! स्टे में दौड़े करंट ने छीनी मासूम की जिंदगी, उग्र ग्रामीणों ने किया चक्काजाम,कार्रवाई और आर्थिक सहायता के आश्वासन के बाद खुला जाम, कई घंटे तक थमा रहा यातायात

कलयुग की कलम से राकेश यादव

सूचना के बाद भी नहीं चेता बिजली विभाग! स्टे में दौड़े करंट ने छीनी मासूम की जिंदगी, उग्र ग्रामीणों ने किया चक्काजाम,कार्रवाई और आर्थिक सहायता के आश्वासन के बाद खुला जाम, कई घंटे तक थमा रहा यातायात

कलयुग की कलम कटनी उमरिया पान – कटनी जिले के उमरियापान क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बम्हनी मडे़रा कॉलोनी में मंगलवार शाम करीब 5 बजे एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। आंगनवाड़ी परिसर के समीप लगे बिजली के खंभे के स्टे में करंट उतरने से एक मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। चक्काजाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात कई घंटे तक प्रभावित रहा।

घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि बिजली के खंभे के स्टे में करंट आने की शिकायत पहले भी बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन समय रहते आवश्यक सुधार कार्य नहीं किया गया। लोगों का कहना था कि यदि शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई होती तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।

घटना की सूचना मिलते ही उमरियापान थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्लीमनाबाद थाना एवं ढीमरखेड़ा थाना का पुलिस बल भी मौके पर बुलाया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने हालात पर नजर बनाए रखी।

मौके पर ढीमरखेड़ा एसडीएम निधि गोहल, स्लीमनाबाद एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी तथा उमरियापान नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।

बिजली विभाग की ओर से एई स्वामी प्रसाद यादव, डिविजन अधिकारी शैलजा सिंह चौहान एवं जूनियर इंजीनियर मजहर अली खान (उमरियापान) भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मृतक के परिजनों को शासन के प्रावधानों के अनुरूप आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भी भरोसा दिलाया गया।

प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा कार्रवाई तथा सहायता का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।

इस दर्दनाक हादसे ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की निगाहें जांच और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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