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योग से बदल रही सोच और सेहत: जिला जेल में पांचवें दिन भी गूंजा ‘स्वस्थ तन-मन’ का संदेश,अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले बंदियों में दिखा उत्साह, सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासन बढ़ाने के लिए लगातार कराया जा रहा योगाभ्यास

कलयुग की कलम से राकेश यादव

योग से बदल रही सोच और सेहत: जिला जेल में पांचवें दिन भी गूंजा ‘स्वस्थ तन-मन’ का संदेश,अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले बंदियों में दिखा उत्साह, सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासन बढ़ाने के लिए लगातार कराया जा रहा योगाभ्यास

कलयुग की कलम कटनी – अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में जिला जेल कटनी में आयोजित विशेष योग अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। शुक्रवार को अभियान के पांचवें दिन बंदियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास में भाग लेते हुए स्वस्थ जीवन और मानसिक संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। योग सत्र के दौरान बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और आत्मविश्वास का वातावरण देखने को मिला।

आनंद विभाग कटनी, जिला जेल प्रशासन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा पतंजलि योग समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य बंदियों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना है। नियमित योगाभ्यास के माध्यम से बंदियों में तनाव कम करने और सकारात्मक जीवनशैली विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ते कदम, योग से मिल रहा आत्मबल

जेल अधीक्षक प्रभात चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आयोजित योग सत्र में विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। योग प्रशिक्षकों ने बंदियों को योग के महत्व और उसके स्वास्थ्य लाभों की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से बंदियों को मानसिक शांति और आत्मनियंत्रण का संदेश भी दिया गया।

विभिन्न विभागों के सहयोग से चल रहा विशेष अभियान

योग कार्यक्रम में आनंद विभाग से अनिल काम्बले, जेल शिक्षिका दीप्ती श्रीवास्तव तथा पतंजलि योग समिति के योग प्रशिक्षक विवेक परोहा विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने बंदियों को नियमित योग अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को मिला नया उत्साह

जिला जेल में चल रहा यह विशेष योग अभियान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में भी प्रभावी साबित हो रहा है। जेल प्रशासन का मानना है कि योग के माध्यम से बंदियों में आत्मविश्वास, संयम और नई सोच का विकास संभव है।

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