जोखिमग्रस्त बच्चों की सुरक्षा पर कलेक्टर श्री तिवारी सख्त”हर जरूरतमंद बच्चे तक समय पर पहुंचे मदद, पुनर्वास और शिक्षा से जुड़ें सभी बच्चे”बाल संरक्षण समिति की बैठक में पॉक्सो प्रकरणों, पुनर्वास, शिक्षा और कौशल विकास की व्यापक समीक्षा, 178 बच्चों के सफल पुनर्वास पर प्रशासन की सराहना
कलयुग की कलम से राकेश यादव

जोखिमग्रस्त बच्चों की सुरक्षा पर कलेक्टर श्री तिवारी सख्त“हर जरूरतमंद बच्चे तक समय पर पहुंचे मदद, पुनर्वास और शिक्षा से जुड़ें सभी बच्चे”बाल संरक्षण समिति की बैठक में पॉक्सो प्रकरणों, पुनर्वास, शिक्षा और कौशल विकास की व्यापक समीक्षा, 178 बच्चों के सफल पुनर्वास पर प्रशासन की सराहना
कलयुग की कलम कटनी – जिले में जोखिमग्रस्त, असहाय और कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश कलेक्टर आशीष तिवारी ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रत्येक बच्चे की पहचान कर उसे शासन की विभिन्न बाल संरक्षण सेवाओं और योजनाओं से जोड़ना सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी बच्चा सहायता से वंचित न रहे।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास वनश्री कुर्वेती, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर, उप संचालक खनिज रत्नेश दीक्षित, जिला शिक्षा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
विशेष अभियान चलाकर चिन्हित होंगे जरूरतमंद बच्चे
बैठक में कलेक्टर श्री तिवारी ने निर्देश दिए कि सामाजिक, आर्थिक अथवा पारिवारिक संकट से जूझ रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी जरूरतमंद बच्चे तक सहायता पहुंचने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
पॉक्सो मामलों में त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता पर जोर
बैठक में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले की सूचना तत्काल बाल कल्याण समिति को उपलब्ध कराई जाए। पीड़ित बच्चों को मनोसामाजिक सहयोग, कानूनी सहायता तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही सहायक व्यक्तियों के पैनल के पुनर्गठन एवं नियमित समीक्षा के निर्देश भी दिए गए।
शिक्षा और कौशल विकास से आत्मनिर्भर बनेंगे बच्चे
किशोर न्याय अधिनियम के तहत संचालित बाल देखरेख संस्थाओं में रह रहे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, आधार कार्ड, आवासीय व्यवस्था एवं समग्र विकास की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिला बाल संरक्षण इकाई को उद्योग विभाग एवं जिला कौशल विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए।
178 बच्चों के सफल पुनर्वास से कटनी ने बनाई अलग पहचान
बैठक में जानकारी दी गई कि जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बीते वित्तीय वर्ष में जिले के 73, प्रदेश के अन्य जिलों के 65 तथा अन्य राज्यों के 40 बच्चों सहित कुल 178 बच्चों का सफल पुनर्वास कराया गया है। इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कलेक्टर श्री तिवारी ने इसे संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
गुमशुदा और तस्करी के शिकार बच्चों की सुरक्षा पर सतत निगरानी
कलेक्टर ने गुमशुदा बच्चों, बाल तस्करी और मानव तस्करी की रोकथाम, बचाव एवं पुनर्वास से संबंधित उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय और सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन, मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप, आफ्टर केयर तथा दत्तक ग्रहण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
बच्चों के सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध
जिला प्रशासन केवल बच्चों की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहकर उनके शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और सम्मानजनक भविष्य के निर्माण के लिए भी व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। कलेक्टर आशीष तिवारी के नेतृत्व में जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।



