एक दिन में 150 से अधिक मरीजों ने उठाया निःशुल्क कैंसर परामर्श शिविर का लाभ,जिला चिकित्सालय कटनी में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने की जांच, आयुष्मान योजना के तहत उपचार की भी दी जानकारी
कलयुग की कलम से राकेश यादव

एक दिन में 150 से अधिक मरीजों ने उठाया निःशुल्क कैंसर परामर्श शिविर का लाभ,जिला चिकित्सालय कटनी में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने की जांच, आयुष्मान योजना के तहत उपचार की भी दी जानकारी
कलयुग की कलम कटनी – कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने और समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय कटनी में शनिवार को विशाल निःशुल्क कैंसर परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिले और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे 150 से अधिक मरीजों ने पंजीयन कराकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया।
यह शिविर जिला प्रशासन की पहल पर जिला चिकित्सालय कटनी और शैल्बी हॉस्पिटल, जबलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। शिविर में मरीजों की जांच कर उन्हें कैंसर से संबंधित आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई।
कार्यक्रम में कटनी एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी, सांसद प्रतिनिधि पद्मेश गौतम एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
शिविर में शैल्बी हॉस्पिटल के कैंसर सर्जन डॉ. प्रशांत जैन, जिन्हें टाटा मेमोरियल से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त है, तथा वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. मालती भगत ने मरीजों की विस्तार से जांच कर उन्हें उचित परामर्श प्रदान किया।
शैल्बी हॉस्पिटल के डिप्टी सीएओ डॉ. अंकित जैन ने बताया कि शिविर का उद्देश्य ग्रामीण और जरूरतमंद लोगों को कैंसर संबंधी जांच एवं विशेषज्ञ सलाह उपलब्ध कराना है, ताकि बीमारी की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर समय रहते उपचार शुरू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार गांठ, मुंह में लंबे समय तक छाला, असामान्य रक्तस्राव, अचानक वजन कम होना या लगातार खांसी जैसी समस्याएं हों, तो उन्हें तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
शिविर के सफल आयोजन में सीएमएचओ कार्यालय, सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा, डॉ. आर्यन, प्रिया घोकले, कविता ओझा एवं नितिन तापा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
वहीं शैल्बी हॉस्पिटल की टीम से डॉ. संजय जैन, संजय शर्मा, अजय मौदगिल, हर्ष और आदित्य ने शिविर संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि शैल्बी हॉस्पिटल में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कैंसर उपचार की सुविधा उपलब्ध है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकता है।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की कि कैंसर के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय-समय पर जांच कराकर इस गंभीर बीमारी से बचाव एवं सफल उपचार सुनिश्चित करें।



