कटनी कलेक्टर की जनसुनवाई में उमड़ा जनसैलाब: 153 लोगों की समस्याएं सुनीं, मौके पर दिए समाधान के निर्देश
कलयुग की कलम से राकेश यादव

कटनी कलेक्टर की जनसुनवाई में उमड़ा जनसैलाब: 153 लोगों की समस्याएं सुनीं, मौके पर दिए समाधान के निर्देश
कलयुग की कलम कटनी – कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस दौरान कुल 153 आवेदकों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, योजनाओं के लाभ और दस्तावेज सुधार से जुड़े प्रकरण प्रमुख रहे।
जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर श्री नीलांबर मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर जितेन्द्र पटेल, डिप्टी कलेक्टर ज्योति लिल्हारे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
भूमि को शासकीय मद से अलग कराने की मांग
कछारगांव (कौआ रोड) तहसील बहोरीबंद निवासी जागेश्वर कोल ने शिकायत में बताया कि उनकी भूमि (खसरा नंबर 564/3) को तहसीलदार द्वारा शासकीय मद में दर्ज कर दिया गया है, जिससे उन्हें ऋण नहीं मिल पा रहा है। इस पर कलेक्टर ने बहोरीबंद तहसीलदार को प्रकरण का परीक्षण कर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।
लाड़ली बहना योजना की राशि बंद होने की शिकायत
ग्राम खितौली तहसील बरही की निवासी कमला चतुर्वेदी ने बताया कि पात्र होने के बावजूद जनवरी से उन्हें लाड़ली बहना योजना की राशि नहीं मिल रही है। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को मामले की जांच कर पात्रतानुसार लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
अनुग्रह सहायता राशि दिलाने के निर्देश
ग्राम मवई, थाना स्लीमनाबाद निवासी सुनीता दुबे ने अपने पति ओमप्रकाश दुबे की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद सम्बल योजना अंतर्गत अनुग्रह राशि न मिलने की शिकायत की। कलेक्टर ने जनपद पंचायत बहोरीबंद के सीईओ को शीघ्र पात्रतानुसार सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
समग्र आईडी में नाम सुधार का मामला
ग्राम पड़रिया (पोस्ट कटंगीकला) निवासी राजकुमार कोरी ने समग्र आईडी में नाम गलत दर्ज होने की शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने ई-गवर्नेंस विभाग को आधार के अनुसार नाम सुधार करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन की समस्याओं का समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।



