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सफलता की नई राह ढीमरखेड़ा–बड़वारा के 300 किसानों ने अपनाया औषधीय फसलों का मॉडल,नामी कंपनियों ने उत्पाद खरीदने में दिलचस्पी दिखाई ,

कलयुग की कलम से राकेश यादव

सफलता की नई राह

ढीमरखेड़ा–बड़वारा के 300 किसानों ने अपनाया औषधीय फसलों का मॉडल,नामी कंपनियों ने उत्पाद खरीदने में दिलचस्पी दिखाई ,

कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – परंपरागत खेती से अलग राह चुनते हुए ढीमरखेड़ा और बड़वारा क्षेत्र के लगभग 300 किसानों ने हल्दी, अदरक, अश्वगंधा और तुलसी की खेती में उल्लेखनीय सफलता पाई है। प्राकृतिक व औषधीय फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशों के बाद किसानों में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। परिणाम स्वरूप इन फसलों की अच्छी उपज की संभावना है और कई नामी कंपनियों ने उत्पाद खरीदने में दिलचस्पी भी दिखाई है।

डाबर इंडिया लिमिटेड, महाराष्ट्र की सुहाना मसाला सहित अन्य प्रतिष्ठित कंपनियां किसानों से उत्पाद लेने को इच्छुक हैं। किसानों को बेहतर दाम और बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एफपीओ संगम बीडी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी का गठन किया गया है, जो लगातार कंपनियों व मंडियों से मूल्य व वितरण व्यवस्था पर चर्चा कर रही है।

मानव जीवन विकास समिति के सचिव एवं पर्यावरणविद् निर्भय सिंह के अनुसार, कृषि विभाग के आत्मा प्रोजेक्ट, नाबार्ड की नानबाड़ी योजना और समिति द्वारा किसानों को निःशुल्क बीज उपलब्ध कराए गए। पिछले वर्ष भी किसानों को अश्वगंधा के बीज वितरित कर खेती कराई गई थी, जिसकी उपज को नीमच मंडी में 25 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव मिला। इससे किसानों को सीधा आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ।

इस वर्ष संभावित उत्पादन के अनुमान के अनुसार लगभग 500–600 क्विंटल अदरक,1500–1600 क्विंटल हल्दी,करीब 100 किलो तुलसी की उपज मिल सकती है। इसके साथ ही अश्वगंधा की बंपर पैदावार की भी उम्मीद जताई जा रही है। ढीमरखेड़ा विकासखंड के कोठी, हर्रई, सगौना, सिवनी, दैगवां, दियागढ़, उमरपानी, छाहर तथा बड़वारा क्षेत्र के गांवों में भी बड़े पैमाने पर इन फसलों की खेती चल रही है।

निर्भय सिंह का कहना है कि शुरुआत में किसानों के मन में नई खेती को लेकर हिचक थी, पर परिणाम देखते हुए अब वही किसान अगले वर्ष अधिक रकबे में खेती करने का मन बना रहे हैं। उन्होंने माना कि औषधीय खेती ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है और यह क्षेत्र आने वाले समय में औषधीय फसलों का हब बनने की क्षमता रखता है।

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