तहसील भवन की बदहाली पर जिम्मेदारों का ध्यान कब?उमरिया पान तहसील कार्यालय मरम्मत को तरसा, महिला पटवारियों-कर्मचारियों के लिए बाथरूम तक की सुविधा नहीं
कलयुग की कलम से राकेश यादव

तहसील भवन की बदहाली पर जिम्मेदारों का ध्यान कब?उमरिया पान तहसील कार्यालय मरम्मत को तरसा, महिला पटवारियों-कर्मचारियों के लिए बाथरूम तक की सुविधा नहीं
कलयुग की कलम उमरिया पान – तहसील कार्यालय उमरिया पान का भवन लंबे समय से मरम्मत और रखरखाव की बाट जोह रहा है। कार्यालय भवन की मौजूदा स्थिति को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहां नियमित मेंटेनेंस की कितनी आवश्यकता है। भवन के विभिन्न हिस्सों में मरम्मत की जरूरत के साथ मूलभूत सुविधाओं की कमी भी कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

सबसे गंभीर स्थिति महिला पटवारियों एवं महिला कर्मचारियों के लिए बाथरूम की व्यवस्था को लेकर है। तहसील कार्यालय में महिला कर्मचारियों के उपयोग के लिए समुचित बाथरूम उपलब्ध नहीं है। पूर्व में बनाया गया बाथरूम भी अब खंडहरनुमा स्थिति में पहुंच चुका है, जिसके कारण महिला कर्मचारियों को विशेष रूप से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कार्यालय में प्रतिदिन कामकाज के लिए आने वाले कर्मचारियों के लिए यह स्थिति असुविधाजनक होने के साथ-साथ चिंता का विषय भी बनी हुई है।
पूरी तहसील भवन को मेंटेनेंस की दरकार
तहसील कार्यालय के भवन में समय-समय पर आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव नहीं होने से भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। छत, दीवारों, फर्श, खिड़की-दरवाजों, विद्युत व्यवस्था सहित अन्य हिस्सों में भी आवश्यकतानुसार सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है। बारिश के मौसम में भवन की समस्याएं और अधिक बढ़ने की आशंका बनी रहती है।

जिम्मेदार अधिकारी दें तत्काल ध्यान
स्थानीय नागरिकों एवं कर्मचारियों की मांग है कि तहसील कार्यालय उमरिया पान का संबंधित विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण कराकर भवन की स्थिति का तकनीकी परीक्षण कराया जाए। इसके बाद आवश्यक मरम्मत एवं मेंटेनेंस के लिए प्रस्ताव तैयार कर जल्द से जल्द कार्य कराया जाए। खासतौर पर महिला पटवारियों एवं महिला कर्मचारियों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित बाथरूम का निर्माण प्राथमिकता से कराया जाना चाहिए।
अब देखना यह है कि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या पर जिम्मेदार अधिकारी कब संज्ञान लेते हैं और कब तहसील कार्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं में सुधार होता है। जनहित और कर्मचारियों की सुविधा को देखते हुए प्रशासन को इस मामले में अति शीघ्र ध्यान देने की आवश्यकता है।



