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28 दिन बाद भी 192 फरियादें बेनतीजा, जन विश्वास अभियान पर उठे सवाल!अधिकारियों की मौजूदगी में लिए गए थे आवेदन, ग्रामीण बोले—समाधान नहीं तो अभियान सिर्फ औपचारिकता

कलयुग की कलम से राकेश यादव

28 दिन बाद भी 192 फरियादें बेनतीजा, जन विश्वास अभियान पर उठे सवाल!अधिकारियों की मौजूदगी में लिए गए थे आवेदन, ग्रामीण बोले—समाधान नहीं तो अभियान सिर्फ औपचारिकता

कलयुग की कलम सिलौंडी – शासन की जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण की मंशा से सिलौंडी में आयोजित मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का शिविर 28 दिन बाद भी ग्रामीणों को अपेक्षित राहत नहीं दिला सका है। शिविर में ग्रामीणों द्वारा विभिन्न समस्याओं से संबंधित 192 आवेदन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए गए थे। प्रशासन की ओर से इन आवेदनों को पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज कर समस्याओं के निराकरण की बात कही गई थी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि 28 दिन बीत जाने के बाद भी किसी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

शिविर में संभागीय कमिश्नर, जिला कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम सहित जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे थे। अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों ने सड़क, पानी, अतिक्रमण, आवारा पशु, आवास सहित विभिन्न जनसमस्याएं रखीं। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद उनकी समस्याओं का शीघ्र निराकरण होगा, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।

कलेक्टर के आश्वासन के बाद भी सड़क पर नहीं पड़ी मुरूम

किसानों ने बताया कि सोसायटी से बसेहरा घनहन मार्ग की बदहाल स्थिति से कलेक्टर को मौके पर अवगत कराया गया था। बारिश के दौरान मार्ग पर कीचड़ की समस्या को देखते हुए तत्काल मुरूम डलवाने तथा बारिश के बाद सड़क निर्माण कराने की बात कही गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि 28 दिन गुजरने के बाद भी मार्ग पर मुरूम तक नहीं डाली गई, जिसके चलते किसानों को आवागमन में लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है।

बस स्टैंड से लेकर प्रधानमंत्री आवास तक उठीं समस्याएं

जन विश्वास अभियान में ग्रामीणों ने सिलौंडी के प्रमुख बस स्टैंड पर महिला प्रसाधन की सुविधा, आवारा पशुओं के लिए गौशाला, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने, किसानों एवं छात्र-छात्राओं के आवागमन के लिए कच्चे मार्गों में सुधार तथा पक्की सड़क निर्माण और प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र लोगों के नाम जोड़ने सहित कई मांगें अधिकारियों के समक्ष रखी थीं।

ग्रामीणों का कहना है कि आवेदन लेने के बाद अब तक किसी भी आवेदक से समस्या के समाधान की स्थिति जानने या आवश्यक जानकारी लेने के लिए संपर्क नहीं किया गया। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

ग्रामीणों का कहना है कि यदि आवेदन लेकर उन्हें निर्धारित समय में राहत नहीं मिलती तो ऐसे अभियानों का उद्देश्य ही सवालों के घेरे में आ जाता है। लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जन विश्वास अभियान के तहत प्राप्त सभी 192 आवेदनों की समीक्षा कर लंबित समस्याओं का शीघ्र निराकरण कराया जाए और आवेदकों को कार्रवाई की जानकारी भी दी जाए।

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