मध्यप्रदेश

रीवा में बोरवेल में फंसे 6 वर्षीय मासूम ‘मयंक’ की हुई मौत, 45 घंटे के लंबे रेस्क्यू के बाद NDRF की टीम ने शव कोे निकाला बाहर

कलयुग की कलम से रामेश्वर त्रिपाठी की रिपोर्ट

रीवा- मध्य प्रदेश के रीवा में बोरवेल में फंसे 6 साल के मासूम बच्चे को आखिरकार बाहर निकाल लिया गया है। 6 साल के मयंक को फौरन एंबुलेंस से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र रवाना कर दिया गया है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम ने 40 घंटे से ज्यादा चले ऑपरेशन के बाद बच्चे को बाहर निकाला। बच्चे की जान बचाने लिए पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही थी। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम बोरवेल के पास खुदाई कर रही थी। टीम ने सफेद चादर में ढंकी हुई मासूम की बॉडी बोरवेल से बाहर निकाली।

मासूम के बोरवेल में गिरने के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। अपने बेटे की याद में मां बेसुध थी, तो वहीं दादी की आंखें भी पोते को खोज रही थी। ग्रामीण भी लगातार मौके पर डंटे हुए थे। पुलिस के साथ प्रशासन की टीम भी मासूम को सही सलामत बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी, लेकिन फिर भी बच्चे की जान नहीं बच पाई।

नहीं काम आई लोगों की दुआएं

इस रेस्क्यू ऑपरेशन में रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार सिंह सीएमएचओ एसडीओपी थाना प्रभारी एनडीआरएफ एसडीआरएफ के साथ साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही है। लाख प्रयास एवं लोगों की दुआओं के बावजूद भी 6 वर्ष के मासूम मयंक आदिवासी को नहीं बचाया जा सकता।

डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल हालात का लिया था जायजा

इस घटना को लेकर प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव जिला प्रशासन से बात कर रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी प्राप्त कर रहे थे। मनिका गांव में रेस्क्यू के दौरान प्रदेश की डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी प्राप्त की थी। साथ ही जिला पुलिस प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन में हर संभव मदद का आश्वासन दिया था।

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