ढीमरखेड़ा में योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने प्रशासन सख्त: एक सप्ताह में प्रगति नहीं तो होगी जवाबदेही तय,जनपद पंचायत सीईओ ने सचिवों, ग्राम रोजगार सहायकों और उपयंत्रियों की समीक्षा बैठक लेकर दिए स्पष्ट निर्देश, लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर जोर
कलयुग की कलम से राकेश यादव

ढीमरखेड़ा में योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने प्रशासन सख्त: एक सप्ताह में प्रगति नहीं तो होगी जवाबदेही तय,जनपद पंचायत सीईओ ने सचिवों, ग्राम रोजगार सहायकों और उपयंत्रियों की समीक्षा बैठक लेकर दिए स्पष्ट निर्देश, लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर जोर
कलयुग की कलम ढीमरखेड़ा – ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण को लेकर जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा ने सख्त रुख अपनाया है। जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी युजवेंद्र कोरी ने ढीमरखेड़ा एवं खमतरा सेक्टर की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित कर विभिन्न विभागीय योजनाओं की ग्राम पंचायतवार प्रगति का विस्तृत आकलन किया।
बैठक में ई-केवाईसी, मनरेगा, समग्र ई-केवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के नए पंजीयन, अनुग्रह सहायता के लंबित प्रकरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के डीएलसी सत्यापन, लंबित आवासों की पूर्णता, री-चेकिंग तथा निर्माण कार्य पूरे होने के बाद सीसी जारी करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिन ग्राम पंचायतों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया, उन्हें एक सप्ताह के भीतर उल्लेखनीय प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। सीईओ श्री कोरी ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने सचिवों, ग्राम रोजगार सहायकों और उपयंत्रियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक योजना की नियमित मॉनिटरिंग करें, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें तथा विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर द्वारा विभागीय योजनाओं में तेजी लाने और लक्ष्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इन्हीं निर्देशों के पालन में यह समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में संबंधित सेक्टरों के ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, उपयंत्री, एपीओ तथा अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित



