हर बूंद बनेगी भविष्य की पूंजी’ : 248 मिलियन लीटर क्षमता के साथ नए स्वरूप में संवरकर तैयार हुआ रामसागर लेक,जल गंगा संवर्धन अभियान का भव्य समापन, श्रमदान के साथ जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का लिया संकल्प
कलयुग की कलम से राकेश यादव

‘हर बूंद बनेगी भविष्य की पूंजी’ : 248 मिलियन लीटर क्षमता के साथ नए स्वरूप में संवरकर तैयार हुआ रामसागर लेक,जल गंगा संवर्धन अभियान का भव्य समापन, श्रमदान के साथ जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का लिया संकल्प
कलयुग की कलम कटनी – जिले में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन मंगलवार को ग्राम पंचायत छहरी में उत्साह और जनभागीदारी के साथ हुआ। इस अवसर पर जीर्णोद्धार एवं मरम्मत के बाद नए स्वरूप में विकसित रामसागर लेक को ग्रामीणों को समर्पित किया गया। विस्तारित जल क्षमता वाला यह तालाब अब वर्षा जल संरक्षण, भू-जल स्तर में वृद्धि तथा किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में कलेक्टर आशीष तिवारी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर तथा समाजसेवी अखिल पांडे का ग्रामीणों ने कलश यात्रा, बैंड-बाजों और पारंपरिक स्वागत के साथ अभिनंदन किया। इसके बाद सभी अतिथियों ने ग्रामीणों के साथ रामसागर लेक में श्रमदान कर जल संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया।
“जल संरक्षण को बनाएं जनआंदोलन” — कलेक्टर आशीष तिवारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी ने कहा कि “जल है तो कल है” केवल एक नारा नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि आज जल स्रोतों को संरक्षित नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि कभी गांवों के तालाब और नदियां सामाजिक जीवन का केंद्र हुआ करते थे, लेकिन समय के साथ अनेक पारंपरिक जल स्रोत उपेक्षा के कारण समाप्त होने की कगार पर पहुंच गए हैं। भू-जल स्तर में लगातार गिरावट चिंता का विषय है, जिसे जनभागीदारी से ही रोका जा सकता है।
कलेक्टर ने ग्राम के निवासी देवकांत पयासी एवं स्थानीय नागरिकों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से रामसागर लेक का कायाकल्प संभव हुआ है। उन्होंने ग्रामीणों से वर्षा जल संचयन, जल का विवेकपूर्ण उपयोग और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।
ढाई महीने में 4,052 जल संरचनाओं का निर्माण
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरसिमरनप्रीत कौर ने बताया कि 19 मार्च से 30 जून तक चले जल गंगा संवर्धन अभियान के दौरान जिले में लगभग 94 करोड़ रुपये की लागत से 4,052 जल संरचनाओं का निर्माण एवं विकास कार्य पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि जिले के 16 विभागों के समन्वित प्रयासों से अभियान को सफल बनाया गया।
19 एकड़ में फैला रामसागर लेक, दोगुनी हुई जल संग्रहण क्षमता
एनजीओ सेट्रीज के कमांडर देवकांत पयासी ने बताया कि जिला प्रशासन और उनकी संस्था के संयुक्त प्रयास से बड़खेरा-छहरी स्थित रामसागर लेक का व्यापक जीर्णोद्धार किया गया है। लगभग 19 एकड़ क्षेत्र में फैले इस जलाशय में भविष्य में करीब एक किलोमीटर लंबा वॉक-वे भी विकसित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पहले इस तालाब की जल संग्रहण क्षमता 130.9 मिलियन लीटर थी, जो जीर्णोद्धार के बाद बढ़कर 248 मिलियन लीटर हो गई है। साथ ही तालाब की गहराई लगभग 3 मीटर रखी गई है, जिससे अधिक वर्षा जल का संरक्षण संभव होगा।
10 गांवों के किसानों को मिलेगा लाभ
समाजसेवी अखिल पांडे ने कहा कि रामसागर लेक का पुनर्जीवन केवल एक जलाशय का विकास नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से 10 गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, वहीं आसपास के क्षेत्रों का भू-जल स्तर भी बेहतर होगा।
कार्यक्रम के दौरान जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लेते हुए अभियान का समापन किया गया।



